Edited By Vijay, Updated: 29 May, 2026 07:22 PM

भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे परियोजना के निर्माण कार्य में स्थानीय युवाओं की अनदेखी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को टाली पंचायत के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं ने जगातखाना स्थित निर्माण कंपनियों के कार्यालय के बाहर...
बिलासपुर (बंशीधर): भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे परियोजना के निर्माण कार्य में स्थानीय युवाओं की अनदेखी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को टाली पंचायत के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं ने जगातखाना स्थित निर्माण कंपनियों के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्र की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरने पर बैठे ग्रामीणों का आरोप था कि रेलवे परियोजना में बाहरी राज्यों और अन्य क्षेत्रों के लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार दिया जा रहा है, जबकि टाली पंचायत और आसपास के योग्य स्थानीय युवाओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि कंपनियों को अपनी भर्ती नीति में बदलाव कर स्थानीय बेरोजगारों को लेबर, मैकेनिक, ऑप्रेटर और ड्राइवर जैसे पदों पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने क्षेत्र की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि जयोरीपत्तन-स्वारघाट सड़क पर बनने वाला मुख्य पुल पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद निर्माण कार्य में कोई तेजी नहीं लाई गई, जिससे रोजाना लोगों को ट्रैफिक जाम और आवाजाही की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में चक्का जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रशासन की होगी।
उधर, एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद प्रशासन दोनों पक्षों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्याओं के समाधान का प्रयास करेगा। वहीं निर्माण कंपनी रायल इंफ्रा के प्रोजैक्ट मैनेजर संटू मलिक ने बताया कि कंपनी को यहां कार्य संभाले अभी करीब 6 महीने हुए हैं। फिलहाल प्लांट और अन्य निर्माण कार्यों में स्थानीय मजदूरों को काम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन के बाद नई भर्तियां होने पर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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