Una: मां छोड़कर चली गई, पिता जेल में, 3 बच्चों को मिला बाल संरक्षण का सहारा

Edited By Kuldeep, Updated: 31 Jul, 2026 06:10 PM

una children child protection

परिवार बिखरने के बाद असहाय हुए 3 मासूम बच्चों के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) ऊना और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ऊना सहारा बनकर सामने आए हैं।

ऊना (मनोहर): परिवार बिखरने के बाद असहाय हुए 3 मासूम बच्चों के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) ऊना और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ऊना सहारा बनकर सामने आए हैं। मां के बच्चों को छोड़कर चले जाने और पिता के पोक्सो अधिनियम के तहत न्यायिक हिरासत में होने के कारण तीनों बच्चे संरक्षण से वंचित हो गए थे। ऐसे में बाल कल्याण समिति ने बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उनके सुरक्षित भविष्य के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊना कमलदीप सिंह ने बताया कि 2 बच्चों को सुरक्षित देखभाल एवं संरक्षण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआईएस) में भेज दिया गया है, वहीं महज 2 वर्षीय बच्चे को संस्थान भेजने की बजाय पारिवारिक माहौल में पालन पोषण को प्राथमिकता देते हुए उसके ताया-ताई की देखरेख में पुनर्वासित किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे मिशन वात्सल्य की स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि उसे नियमित आर्थिक एवं सामाजिक सहायता मिल सके।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह ने कहा कि 0 से 18 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे सभी मामलों में कानून एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को संकट की स्थिति में असहाय नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरतमंद बच्चों को समय पर संरक्षण एवं पुनर्वास उपलब्ध करवाया जाएगा।

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