हिमाचल में PGT के 3378 पद खाली, सबसे ज्यादा रिक्तियां कांगड़ा में, RTI से हुआ खुलासा

Edited By Kuldeep, Updated: 31 Jul, 2026 08:09 PM

shimla pgt vacant

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्ट ग्रैजुएट टीचर (पी.जी.टी.) के कुल 3,378 पद रिक्त हैं। एक आर.टी.आई. के तहत प्राप्त जानकारी में इसका खुलासा हुआ है।

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्ट ग्रैजुएट टीचर (पी.जी.टी.) के कुल 3,378 पद रिक्त हैं। एक आर.टी.आई. के तहत प्राप्त जानकारी में इसका खुलासा हुआ है। इसमें रिक्त पदों का ब्यौरा जिला एवं विषयवार जारी किया गया है, जिससे प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी की तस्वीर सामने आई है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा में सबसे अधिक 629 पद खाली हैं। इसके बाद मंडी में 557, शिमला में 475, चम्बा में 361, सिरमौर में 314, सोलन में 272, ऊना में 237, कुल्लू में 182, बिलासपुर में 127, हमीरपुर में 90, लाहौल-स्पीति में 74 और किन्नौर में 60 पद रिक्त हैं।

विषयवार रिक्तियों में हिन्दी के 321, कॉमर्स के 330, अंग्रेजी के 271, अर्थशास्त्र के 211, इतिहास के 245, राजनीति शास्त्र के 321, गणित के 142, बायोलॉजी के 135, कैमिस्ट्री के 132, फिजिक्स के 100, संस्कृत के 84, भूगोल के 52, समाजशास्त्र के 33, संगीत के 31, होम साइंस के 10, लोक प्रशासन के 9 तथा मनोविज्ञान के 3 पद रिक्त बताए गए हैं। इसके अलावा पीजीटी (आई.पी.) के 984 पद भी खाली हैं, जो सभी विषयों में सबसे अधिक हैं। आर.टी.आई. के माध्यम से जारी यह जानकारी 29 जुलाई, 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है।

गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन निर्धारण प्रस्ताव पहले जिला स्तर पर होंगे सत्यापित
गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन निर्धारण प्रस्ताव पहले जिला स्तर पर सत्यापित होंगे। इसको लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी कालेजों, एससीईआरटी, जीसीटीई और संस्कृत कालेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि निदेशालय के संज्ञान में आया है कि गैर शिक्षक कर्मचारियों जिनमें मंत्रालयिक स्टाफ, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और पुस्तकालयाध्यक्ष के वेतन निर्धारण संबंधी प्रस्ताव बिना संबंधित जिले के उच्च शिक्षा विभाग के सैक्शन ऑफिसर (वित्त एवं लेखा) से जांच व सत्यापन करवाए सीधे निदेशालय भेजे जा रहे हैं।

इस पर आपत्ति जताते हुए निदेशालय ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को सुनिश्चित करें कि गैर शिक्षण कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के सभी प्रस्ताव संबंधित जिले के सैक्शन ऑफिसर (वित्त एवं लेखा) से विधिवत जांच एवं सत्यापन के बाद ही उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजे जाएं।

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