Edited By Kuldeep, Updated: 28 Jul, 2026 10:07 PM

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 से नकल व पेपर लीक का नैटवर्क टूटेगा।
शिमला (ब्यूरो): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 से नकल व पेपर लीक का नैटवर्क टूटेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ताे पेपर लीक को लेकर उदासीन रही है। उन्होंने छात्र हित में विपक्ष से सहयोग की अपील की। अनुराग ठाकुर ने विधेयक के समर्थन में बोलते हुए कहा कि यह संशोधन मूल 2024 के कानून को और मजबूत बनाता है। इसमें सजा को और कठोर करने के साथ जांच को समयबद्ध बनाया गया है, जिससे करोड़ों छात्रों के लिए न्याय की प्रक्रिया को तेज किया गया है। परीक्षा में धांधली, पेपर लीक, किसी आतंकवाद और माओवाद से कम खतरनाक नहीं हैं। केंद्र सरकार केवल समस्या पर चर्चा नहीं करती, बल्कि समाधान की व्यवस्था बनाती है।
यह विधेयक अपराधियों, परीक्षा कराने वाली लापरवाह एजैंसी और उनके सीनियर मैनेजमैंट सभी की जवाबदेही सुनिश्चित करता है। पेपर लीक से महज छात्रों का जीवन बर्बाद नहीं होता है, यह देश के ईको सिस्टम और प्रशासनिक सिस्टम को बर्बाद भी करता है। आज देश में कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी और एम्स की संख्या में जो इजाफा, केंद्र सरकार की देन है। वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने का उद्देश्य भारत को ग्लोबल नॉलेज पावर बनाने के साथ युवाओं का भविष्य उज्ज्वल बनाना है।
सांसद सिकंदर कुमार ने उठाया मामला
सांसद डा. सिकंदर कुमार ने संसद की तरफ से उठाए मामले के उत्तर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति हब स्कीम का उद्देश्य एससी एवं एसटी के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना और सरकार की लोक प्रापण नीति के अंतर्गत एससी एवं एसटी सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से 4 फीसदी की अनिवार्य खरीद के अधिदेश को पूरा करने में सुविधा प्रदान करना है।