हिमाचल में डाक्टरों को मिलेगा 20 फीसदी इनसैंटिव : सुक्खू

Edited By Kuldeep, Updated: 27 May, 2026 09:37 PM

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राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं।

शिमला (संतोष): राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डाक्टरों के लिए एक विशेष इनसैंटिव स्कीम लेकर आ रही है, जिसके तहत चिकित्सकों को 20 प्रतिशत इनसैंटिव प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ मैडीकल कालेजों के प्रोफैसर, एसोसिएट प्रोफैसर और असिस्टैंट प्रोफैसरों को भी मिलेगा। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने और मैडीकल कालेजों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़े भर्ती फैसलों को मंजूरी दी है। चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टैंट प्रोफैसर के 110 पद भरे जाएंगे। अस्पतालों की कार्यप्रणाली को सुचारू करने के लिए पैरा-मैडीकल स्टाफ के 120 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष के भीतर सभी मैडीकल कालेजों में नर्सों और तकनीकी स्टाफ के शत-प्रतिशत खाली पदों को भर दिया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव लाते हुए सरकार ने राज्य के सभी प्रमुख मैडीकल कालेजों में पोस्ट ग्रैजुएशन की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। आई.जी.एम.सी. शिमला में 96, डा. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67, डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा में 33, डा. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29 सीटें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजी सीटें बढ़ने से मैडीकल कालेजों के कामकाज में तेजी आएगी और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। इसके लिए 3000 करोड़ रुपए की लागत से सभी मैडीकल कालेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और अत्याधुनिक जांच उपकरण खरीदे जा रहे हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आईजीएमसी शिमला में एक नए और आधुनिक मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए संभावनाएं तलाशने और जल्द से जल्द भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। आने वाले वर्षों में इन अभूतपूर्व सुधारों की बदौलत हिमाचल प्रदेश हैल्थ टूरिज्म के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।

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