Edited By Kuldeep, Updated: 04 Aug, 2026 09:55 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में 2023 की भारी बारिश और आपदा से प्रभावित परिवारों को दी गई राहत राशि की वसूली के नोटिसों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में 2023 की भारी बारिश और आपदा से प्रभावित परिवारों को दी गई राहत राशि की वसूली के नोटिसों पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने डीसी शिमला को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रभावितों को प्रक्रिया में शामिल कर नए सिरे से मामले की जांच करें। यह आदेश न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने आपदा प्रभावितों द्वारा दायर याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए जारी किया। अदालत ने पाया कि सरकार द्वारा वसूली नोटिस जारी करने से पहले याचिकाकर्त्ताओं को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं दिया गया था।
राज्य सरकार की तरफ से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया कि इन प्रभावितों ने कोई झूठे दस्तावेज या गलत तथ्य पेश करके यह सहायता राशि ली थी। हाईकोर्ट ने डीसी को आदेश दिया है कि वे अगले 8 हफ्तों के भीतर सभी मामलों की दोबारा समीक्षा करें और कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करें। जब तक उपायुक्त द्वारा इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक किसी भी याचिकाकर्त्ता से राहत राशि की कोई वसूली नहीं की जाएगी।
मामले के अनुसार वर्ष 2023 में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। सरकार ने इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (आपदा) और राज्य के विशेष राहत पैकेज के तहत 65,000 रुपए की पहली किस्त सहित कुल राहत राशि जारी करनी शुरू की थी लेकिन बाद में सब-डिवीजनल ऑफिसर (सिविल) की एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रशासन ने इन लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया और साल 2025 में उनसे राशि वापस लौटाने के लिए रिकवरी नोटिस भेज दिए, जिसे अदालत में चुनौती दी गई थी।