Shimla: नहीं हुईं सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां, 600 छात्र छोड़ गए स्कूल

Edited By Kuldeep, Updated: 04 Jul, 2026 06:38 PM

shimla cbse school

प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में 6 महीने के बाद भी प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। कमेटी के फेर में सरकारी सीबीएसई स्कूलों की नियुक्तियां अटक कर रह गई हैं।

शिमला (प्रीति): प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में 6 महीने के बाद भी प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। कमेटी के फेर में सरकारी सीबीएसई स्कूलों की नियुक्तियां अटक कर रह गई हैं। इस कारण इन स्कूलों से छात्र पलायन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि लगभग 600 छात्रों ने वापस प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले लिया है। सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड होने पर उक्त छात्रों ने यहां दाखिला लिया था, लेकिन स्कूल में शिक्षक न होने से अब यह छात्र इन स्कूलों से पलायन कर रहे हैं। इस दौरान राज्य के कई सरकारी सीबीएसई स्कूल बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं और स्कूलों में शिक्षकों की भी कमी है। हालांकि शिक्षा विभाग ने बीते मई महीने में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए सूची तैयार कर ली थी और इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाना था। हालांकि, इस बीच लागू हुई आचार संहिता के कारण पूरी प्रक्रिया रुक गई।

इस कारण समय पर शिक्षकों की काऊंसलिंग भी नहीं हो पाई। जब आचार संहिता हटी तो सरकार ने उक्त नियुक्ति के लिए सब कमेटी का गठन किया। अब कमेटी ने मामले पर बैठक कर नियुक्ति का मामला अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री को भेजा है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद ही विभाग मैरिट के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर संबंधित स्कूलों में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की तैनाती करेगा। इस प्रक्रिया में यदि देरी होती है तो स्कूलों से और बच्चे भी पलायन कर सकते हैं। इन नियुक्तियों में लगातार हो रही देरी का असर प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों के छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूल लंबे समय से प्रधानाचार्य और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे छात्रों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

नियुक्तियों को जल्द मंजूरी दें मुख्यमंत्री : एसोसिएशन
कैबिनेट सब-कमेटी ने संंबंधित मामला मुख्यमंत्री को भेज दिया है। ऐसे में सीबीएसई सब-कैडर इन-सर्विस टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम स्वीकृति देने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष खजान सिंह ठाकुर ने कहा कि मैरिट आधारित चयन लागू होने से योग्य और प्रतिभाशाली शिक्षकों को सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिलेगी।

सरकार सीबीएसई स्कूलों में जल्द तैनात करे प्रधानाचार्य और शिक्षक, नहीं तो खाली हो जाएंगे स्कूल
संघ के महासचिव एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता वीरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री से मैरिट आधारित भर्ती के ड्रीम प्रोजैक्ट को जल्द धरातल पर उतारने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में जल्द प्रधानाचार्य और शिक्षकों को नियुक्ति दी जाए, नहीं तो स्कूलों से बच्चे पलायन कर जाएंगे। जिन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड के कारण सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया था, प्रधानाचार्य और शिक्षक न होने से वे स्कूल छोड़ कर जा रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार को जल्द मैरिट आधार पर इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।

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