Edited By Kuldeep, Updated: 21 Jun, 2026 09:23 PM

एचआरटीसी ने कर्मचारियों और पैंशनर्ज की लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मांगी है।
शिमला (राजेश): एचआरटीसी ने कर्मचारियों और पैंशनर्ज की लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मांगी है। निगम प्रबंधन ने ओवरटाइम अलाऊंस के बकाया भुगतान को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि लंबे समय से लंबित देनदारियों का निपटारा किया जा सके। प्रबंधन का मानना है कि अतिरिक्त धनराशि मिलने से कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने में राहत मिलेगी और निगम की कार्यप्रणाली भी प्रभावित नहीं होगी। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के गोल्डन जुबली समारोह के दौरान कर्मचारियों को लंबित ओवर टाइम अलाऊंस भुगतान का आश्वासन दिया था।
घोषणा के मुताबिक दिसम्बर 2024 तक 50 प्रतिशत और शेष 50 प्रतिशत राशि 31 मार्च 2025 से पहले जारी की जानी थी। हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों को अब तक पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उधर कर्मचारी संगठनों ने सरकार को 24 जून तक का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया गया तो 25 जून से प्रदेशभर में बसों का संचालन प्रभावित किया जा सकता है। चालक यूनियन की ओर से इस संबंध में पहले ही सरकार और निगम प्रबंधन को नोटिस भेजा जा चुका है।
निगम प्रबंधन का मानना है कि सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने पर कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान संभव होगा और परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जा सकेगा। वहीं कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान न होने से कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे रहा है। अब कर्मचारियों, पैंशनर्ज और यात्रियों की निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो लंबे समय से लंबित भुगतान का रास्ता साफ हो सकता है।