Bilaspur: पंचायत चुनाव में मतपेटियों की अदला-बदली करना पड़ा महंगा, पूरी पोलिंग पार्टी सस्पैंड

Edited By Vijay, Updated: 27 May, 2026 04:17 PM

polling party suspended for swapping ballot boxes

बिलासपुर शहर से सटी ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव के दौरान मतपेटियों की अदला-बदली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरी पोलिंग पार्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बिलासपुर (बंशीधर): बिलासपुर शहर से सटी ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव के दौरान मतपेटियों की अदला-बदली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरी पोलिंग पार्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार राजकीय प्राथमिक पाठशाला खैरियां लुहणू मतदान केंद्र पर मतदान संपन्न होने के बाद ग्राम पंचायत बामटा के वार्ड नंबर-6 से संबंधित प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य की बैलेट बॉक्स नियमानुसार सहायक रिटर्निंग अधिकारी बामटा के पास जमा होनी थीं, लेकिन पोलिंग टीम ने इन मतपेटियों को सीधे पंचायत समिति और जिला परिषद के स्ट्रॉन्ग रूम में भेज दिया। वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद की मतपेटियां तय स्ट्रॉन्ग रूम में भेजने की बजाय सहायक रिटर्निंग अधिकारी बामटा को सौंप दी गईं।

देर रात तक चलता रहा हंगामा, रात 2 बजे घोषित हुआ परिणाम
मतपेटियों की इस गड़बड़ी के बाद संबंधित मतगणना केंद्र पर देर रात तक हंगामा चलता रहा और पंचायत का परिणाम रात करीब 2 बजे घोषित हो पाया। मामले ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए। प्रशासन ने इसे हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सौंपे गए वैधानिक दायित्वों के प्रति लापरवाही, अकर्मण्यता और अनुशासनहीनता माना है। इसी के चलते रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) एवं खंड विकास अधिकारी सदर विजय कुमार ने कार्रवाई करते हुए पीठासीन अधिकारी कुलदीप सिंह तथा मतदान अधिकारियों विनोद कुमार, देश राज और विद्या सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

सक्षम प्राधिकारी की अनुमति नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय कार्यालय खंड विकास अधिकारी सदर बिलासपुर निर्धारित किया गया है। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस दौरान नियमानुसार उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा।

जांच अधिकारी 7 दिन में सौंपेंगे रिपोर्ट 
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। आरक्षित सहायक रिटर्निंग अधिकारी सह आचार्य डॉ. सुरजीत चंदेल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि पूरे मामले की त्वरित जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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