Bilaspur: एम्स में 1.50 करोड़ का हाई-डैफिनेशन सिस्टम होगा स्थापित, बिना चीरे के होगी सर्जरी

Edited By Kuldeep, Updated: 11 Jul, 2026 08:25 PM

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एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग की सुविधाओं को और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

बिलासपुर (बंशीधर): एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग की सुविधाओं को और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। संस्थान में लगभग 1.50 करोड़ रुपए की लागत से हाई-डैफिनेशन एंडोविजन सिस्टम फॉर यूरोलॉजी स्थापित किया जाएगा। इस अत्याधुनिक उपकरण के आने के बाद किडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट और मूत्रमार्ग से संबंधित कई जटिल ऑप्रेशन बिना बड़े चीरे के किए जा सकेंगे। जानकारी के अनुसार यह हाई-डैफिनेशन एंडोविजन सिस्टम एंडोस्कोपिक सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को शरीर के भीतर का बेहद स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाला दृश्य उपलब्ध कराएगा। इससे किडनी की पथरी निकालने, प्रोस्टेट की सर्जरी, मूत्राशय के ट्यूमर का उपचार और अन्य यूरोलॉजी प्रक्रियाएं अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से की जा सकेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार एंडोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी होने पर मरीज के शरीर पर बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता। इससे दर्द कम होता है, खून का बहाव कम होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज पहले की तुलना में कम समय में स्वस्थ होकर घर लौट सकता है।

नहीं करना पड़ेगा बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख
एम्स प्रबंधन के अनुसार यह सुविधा शुरू होने से हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों के मरीजों को भी आधुनिक यूरोलॉजी उपचार का लाभ मिलेगा। अब तक ऐसे कई मामलों में मरीजों को बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नई तकनीक उपलब्ध होने के बाद यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। उपकरण स्थापित होने के बाद एम्स बिलासपुर की यूरोलॉजी सेवाएं और अधिक उन्नत होंगी तथा मरीजों को अत्याधुनिक, सुरक्षित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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