Edited By Vijay, Updated: 10 Oct, 2026 04:15 PM

हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में रविवार से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रों को लेकर मंदिर न्यास ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। नवरात्रों में माता के दरबार को भव्य रूप देने के लिए देशी-विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है।
बिलासपुर (बंशीधर/मुकेश): हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में रविवार से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रों को लेकर मंदिर न्यास ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। नवरात्रों में माता के दरबार को भव्य रूप देने के लिए देशी-विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है। इस बार सजावट में ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड से मंगवाए गए फूल भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। नवरात्रों के दौरान 22 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। मंदिर केवल रात 12 बजे से सुबह 2 बजे तक सफाई और शृंगार के लिए मंदिर बंद रहेगा। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से माता के दर्शन करवाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने नवरात्रों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं। मंदिर की सजावट का जिम्मा इस बार करनाल की एक समाजसेवी संस्था ने संभाला है। संस्था के 20 से अधिक कारीगर माता के दरबार को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक रोशनी और लड़ियों से सजाने में जुटे हैं। सजावट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही नजर
नवरात्रों के दौरान देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था भी प्रशासन के लिए अहम रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से 250 पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सी.सी.टी.वी. कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कतारों में दर्शन करवाए जाएंगे, ताकि भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
9 सैक्टरों में बांटा मेला क्षेत्र, कड़ाह-प्रसाद व नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध
मंदिर परिसर को 9 सैक्टरों में बांटा गया है तथा नवरात्रों के दौरान 6 मेला मैजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। नवररात्रों के दौरान मंदिर में कड़ाह, प्रसाद व नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा लाउडस्पीकर पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त नवरात्रों के दौरान रात को मंदिर न्यास द्वारा भजन संध्याओं का भी आयोजन किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रतिबंध : एसडीएम
श्रीनयना देवी जी मेला अधिकारी एवं एसडीएम धर्मपाल ने बताया कि नवरात्र मेले के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रतिबंध किए गए हैं तथा मंदिर केवल दो घंटे ही बंद रहेगा। श्रद्धालुओं को लाइनों में माता के दर्शनों के लिए भेजा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें