Edited By Kuldeep, Updated: 06 Oct, 2026 07:36 PM

एम्स के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज का दिन हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक महत्व का है।
बिलासपुर (बंशीधर): एम्स के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज का दिन हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक महत्व का है। राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह हिमाचल राष्ट्र रक्षा में अग्रणी रहा है, अब एम्स के माध्यम से यह राज्य जीवन रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लद्दाख के उपराज्यपाल और हिमाचल के राज्यपाल के रूप में अपने अनुभवों को सांझा करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी व जनजातीय क्षेत्रों में कठिन रास्तों और सर्दियों में बंद रहने वाले मार्गों के कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। एम्स बिलासपुर के बनने से अब लोगों को दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आज आपको मिलने वाली उपाधि केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति आपकी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
एक चिकित्सक के लिए मरीज केवल एक केस नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीद और विश्वास होता है। अपने पेशेवर जीवन में हमेशा जरूरतमंद वर्ग को प्राथमिकता दें। उन्होंने संस्थान के संकाय सदस्यों और अधिकारियों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि अल्प अवधि में एम्स बिलासपुर को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान का एक मजबूत केंद्र बनाया है। उन्होंने कहा कि यहां से निकले युवा चिकित्सक संस्थान के ज्ञान, प्रशिक्षण और सेवा-भाव को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में मानवता की सेवा करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर 84 युवा चिकित्सकों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ मिलकर डिग्रियां प्रदान कीं और उनके सेवाभावी भविष्य की कामना की।