Edited By Kuldeep, Updated: 30 Sep, 2026 04:24 PM

हिमाचल में एचआरटीसी की 297 ई. बसों के सफल संचालन शुरू होने के बाद अब प्रदेश के निजी बस आप्रेटर्ज भी 500 इलैक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए तैयार हैं।
शिमला (राजेश): हिमाचल में एचआरटीसी की 297 ई. बसों के सफल संचालन शुरू होने के बाद अब प्रदेश के निजी बस आप्रेटर्ज भी 500 इलैक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए तैयार हैं। बसों की खरीद से पहले प्रदेश सरकार द्वारा ई. बसों की खरीद पर सरकार द्वारा दी जा रही सबसिडी कैसे मिलेगी और किस प्रकार मिलेगी इसकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग प्रदेश के निजी बस ऑप्रेटर्ज ने की है। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑप्रेटर्ज संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि प्रदेश के निजी बस ऑप्रेटर्ज भी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए स्टेज कैरिज के रूप में लगभग 500 इलैक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को इलैक्ट्रिक बसों से संबंधित अपनी नीति और सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इलैक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत सबसिडी देने की घोषणा की गई है। निजी बस ऑप्रेटर्ज सरकार की इस पहल में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार यह स्पष्ट करे कि यह सबसिडी बस खरीदते समय ही उपलब्ध करवाई जाएगी या लोन की पूरी अवधि समाप्त होने के बाद।
नए रूट परमिट किस प्रक्रिया के तहत जारी होंगे, ये बताएं विभाग ?
प्रदेश निजी बस ऑप्रेटर्ज संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से पूछा है कि क्या मौजूदा निजी बस ऑप्रेटर्ज प्राथमिकता दी जाएगी ? क्या पुराने परमिट को इलैक्ट्रिक बस में बदलने की सुविधा होगी? नए रूटों की पहचान और अधिसूचना कब तक होगी? इलैक्ट्रिक बसों के लिए परमिट की अवधि और अन्य शर्तें क्या होंगी ? उन्होंने कहा कि परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना कोई भी निजी ऑप्रेटर्ज करोड़ों रुपए की बस खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकता है।
लोन की शर्तें आसान करे सरकार
बस ऑप्रेटर्ज ने कहा कि इलैक्ट्रिक बसों की कीमत सामान्य डीजल बसों की तुलना में अधिक होने के कारण बैंक ऋण की शर्तों को भी व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय करके निजी बस आप्रेटर्ज के लिए कम ब्याज दर, कम मार्जिन मनी, लंबी पुनर्भुगतान अवधि और आसान ऋण प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।