Edited By Kuldeep, Updated: 02 Jun, 2026 05:58 PM

हिमाचल प्रदेश में रेल कनैक्टीविटी को नई मजबूती देते हुए सोमवार को कांगड़ा रेलवे स्टेशन से नैरो गेज ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया गया।
कांगड़ा (अविनाश): हिमाचल प्रदेश में रेल कनैक्टीविटी को नई मजबूती देते हुए सोमवार को कांगड़ा रेलवे स्टेशन से नैरो गेज ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर तथा राज्यसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कांगड़ा के विधायक पवन काजल, विधायक ठाकुर रणबीर सिंह निक्का, रेलवे के डीआरएम विवेक कुमार सहित रेलवे अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कांगड़ा रेलवे स्टेशन उत्साह और नारों से गूंज उठा। लोगों ने इसे क्षेत्र की रेल कनैक्टीविटी और विकास के लिए अहम उपलब्धि बताया। इस अवसर पर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को बेहतर रेल नैटवर्क से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा से नैरो गेज ट्रेन सेवा शुरू होना इसी सोच और संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस सेवा से कांगड़ा-धर्मशाला क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उनके अनुसार बेहतर रेल कनैक्टीविटी किसी भी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चक्की पुल बनने के बाद फिर पटरी पर लौटी रेल सेवा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगस्त 2022 में आई बाढ़ के दौरान हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित चक्की रेलवे पुल बह जाने से रेल सेवा प्रभावित हुई थी, जिससे क्षेत्र को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग केंद्र सरकार के समक्ष उठाई गई, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 70 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक तकनीक द्वारा नए पुल का निर्माण करवाया। उनके मुताबिक रेल सेवा की बहाली से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा। कार्यक्रम में बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में हिमाचल प्रदेश में रेल नैटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण, सुरक्षा परियोजनाओं और विद्युतीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 17,711 करोड़ रुपए की विभिन्न रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे आने वाले समय में हिमाचल का रेल नैटवर्क और मजबूत होगा। साथ ही अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के चार रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का भी प्रावधान किया गया है।
‘रेल नैटवर्क का विस्तार मतलब विकास की नई पटरी’
राज्यसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में रेल नैटवर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम है। वहीं विधायक पवन काजल ने इसे कांगड़ा क्षेत्र की जनता का लंबे समय से जुड़ा सपना बताया। उन्होंने कहा कि नैरो गेज ट्रेन सेवा से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्रालय और संबंधित विभागों का आभार व्यक्त करते हुए इसे हिमाचल के रेल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।