Edited By Vijay, Updated: 11 Aug, 2026 12:23 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में नशा मुक्ति अभियान के तहत पुलिस लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में औट पुलिस थाना की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ग्राम पंचायत सोगमाड़ के छलवार गांव में बड़े पैमाने पर की गई अवैध भांग की खेती का भंडाफोड़...
मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में नशा मुक्ति अभियान के तहत पुलिस लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में औट पुलिस थाना की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ग्राम पंचायत सोगमाड़ के छलवार गांव में बड़े पैमाने पर की गई अवैध भांग की खेती का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां 3 लाख से अधिक भांग के पौधों को मौके पर ही उखाड़कर नष्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार औट पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त और अवैध भांग की खेती के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को वन विभाग की भूमि पर लगभग 8 बीघा क्षेत्र में फैले 27 पटीदार (सीढ़ीदार) खेतों में अवैध रूप से उगाई गई भांग की फसल मिली। इन खेतों में कुल 3,11,110 भांग के पौधे लहलहा रहे थे। इतने बड़े पैमाने पर वन भूमि का इस्तेमाल नशे की खेती के लिए होता देख पुलिस टीम भी सतर्क हो गई।
10 पौधों का लिया सैंपल, बाकी किए नष्ट
पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को कानूनी रूप से पारदर्शी बनाने के लिए राजस्व अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों को मौके पर तलब किया। एनडीपीएस एक्ट के नियमानुसार जांच के लिए कुल पौधों में से 10 पौधों को जड़ सहित उखाड़कर बतौर सैंपल सुरक्षित कर सील कर लिया गया। इसके पश्चात, शेष बचे 3,11,100 भांग के पौधों को पुलिस टीम ने मौके पर ही जड़ से उखाड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज, भूमि की हो रही निशानदेही
मंडी के एसपी विनोद कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस संदर्भ में औट पुलिस थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब राजस्व विभाग के सहयोग से संबंधित वन भूमि की आधिकारिक निशानदेही करवा रही है। पुलिस द्वारा दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े पैमाने पर अवैध खेती के पीछे किन असामाजिक तत्वों का हाथ है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें