Edited By Kuldeep, Updated: 26 Sep, 2026 07:13 PM

प्रदेश में शनिवार को मौसम ने करवट ली, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शनिवार को धर्मशाला में सर्वाधिक 46, कल्पा में 20.8, भरेई में 18.2, बंगाणा में 13.6, धौलाकुआं में 11 और राजधानी शिमला में 9.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
शिमला (संतोष): प्रदेश में शनिवार को मौसम ने करवट ली, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शनिवार को धर्मशाला में सर्वाधिक 46, कल्पा में 20.8, भरेई में 18.2, बंगाणा में 13.6, धौलाकुआं में 11 और राजधानी शिमला में 9.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला में लोग व पर्यटक गर्म वस्त्रों का सहारा लेते नजर आए। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 27 सितम्बर को राज्य में भारी बारिश का अलर्ट है। सिरमौर जिला में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरैंज अलर्ट दिया गया है, जबकि शिमला, सोलन, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, बिलासपुर और किन्नौर में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का यैलो अलर्ट रहेगा।
28 सितम्बर को शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 सितम्बर के बाद मौसम में सुधार होगा और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे मानसून की विदाई का मार्ग प्रशस्त होगा। इस मानसून सीजन में 30 जून से 26 सितम्बर तक के दौरान राज्य को भारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। इस अवधि में प्राकृतिक आपदाओं भूस्खलन व डूबने आदि से कुल 149 लोगों की जान गई है। इसके अलावा लोक निर्माण, जल शक्ति और बिजली विभाग सहित सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को करीब 3,219.82 करोड़ रुपए का भारी नुक्सान पहुंचा है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में कुल 39 सड़कें भूस्खलन व अन्य कारणों से बंद हैं। इनमें सर्वाधिक सड़कें मंडी में 18, कांगड़ा में 7, कुल्लू में 6, ऊना में 3, लाहौल-स्पीति में 2, सिरमौर में 2 और शिमला में 1 बाधित है। राहत की बात यह है कि राज्य भर में बिजली ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाएं पूरी तरह बहाल हैं और सुचारू रूप से काम कर रही हैं।