हिमाचल में इंसानियत शर्मसार! पति ने अपने ही हाथों से उजाड़ डाली पत्नी की कोख

Edited By Vijay, Updated: 07 Aug, 2026 09:59 PM

husband wife and unborn child

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल से घरेलू हिंसा और दरिंदगी का एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।

तीसा/चम्बा (सुभानदीन): हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल से घरेलू हिंसा और दरिंदगी का एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक क्रूर पति ने अपनी 7 महीने की गर्भवती पत्नी को इतनी बेरहमी से पीटा कि महिला का गर्भपात हो गया और उसकी कोख उजड़ गई। लहूलुहान और गंभीर हालत में पीड़िता ने पुलिस से गुहार लगाई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जंगल से लौटते वक्त की थी पहली मारपीट
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। दंपति के पहले से 6 बच्चे हैं और इस बार वह 7 महीने की गर्भवती थी। पीड़िता के अनुसार पिछले कुछ दिनों से उसका पति लगातार उसके साथ मारपीट कर रहा था। दरिंदगी की यह घटना करीब 5-6 दिन पहले शुरू हुई, जब वह जंगल से घास लेकर लौट रही थी। रास्ते में उसके पति ने उसे रोका और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

मायके जाते समय रास्ते में रोककर फिर पीटा
पति के इन अमानवीय जुल्मों और रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर जब पीड़िता ने अपने मायके जाने का फैसला किया, तो आरोपी पति ने उसे रास्ते में ही फिर रोक लिया। गुस्से में आगबबूला हुए पति ने गर्भवती होने के बावजूद एक बार फिर उसके साथ निर्ममता से मारपीट की। इस क्रूरता के चलते पीड़िता को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।

अस्पताल में टूटा आस का धागा, 6 अगस्त को हुआ गर्भपात
हिम्मत जुटाकर पीड़िता किसी तरह अपने मायके पहुंची और अपनी मां को पति की दरिंदगी की पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद मां के साथ मिलकर पीड़िता ने थाना तीसा में पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता को तुरंत सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चम्बा रेफर कर दिया गया। महिला पुलिस कर्मियों की सुरक्षा में पीड़िता का इलाज चम्बा अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों के तमाम चिकित्सीय प्रयासों के बावजूद, अत्यधिक चोटों और प्रताड़ना के कारण 6 अगस्त को पीड़िता का गर्भपात हो गया और उसने अपने 7 महीने के मासूम को खो दिया।

आरोपी पति पर मुकद्दमा दर्ज
इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए चम्बा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने पीड़िता के बयानों और मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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