हिमाचल में अब गांव-गांव पहुंचेगी मौसम की सटीक जानकारी, 130 वैदर स्टेशन हुए लाइव

Edited By Vijay, Updated: 02 Aug, 2026 04:30 PM

now accurate weather information will reach every village in himachal

हिमाचल प्रदेश में अब मौसम की जानकारी जिला या तहसील नहीं बल्कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध होगी। सरकार वैदर इंफॉर्मेशन एंड नैटवर्क डाटा सिस्टम (डब्ल्यूआईएनडीएस) परियोजना के तहत प्रदेश की 3,758 ग्राम पंचायतों में 3,713 ऑटोमैटिक रेन गेज और 164 ऑटोमैटिक वैदर...

शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में अब मौसम की जानकारी जिला या तहसील नहीं बल्कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध होगी। सरकार वैदर इंफॉर्मेशन एंड नैटवर्क डाटा सिस्टम (डब्ल्यूआईएनडीएस) परियोजना के तहत प्रदेश की 3,758 ग्राम पंचायतों में 3,713 ऑटोमैटिक रेन गेज और 164 ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित कर रही है। यानी प्रदेशभर में कुल 3,877 साइटों पर मौसम संबंधी उपकरण लगाए जाएंगे। योजना का उद्देश्य किसानों, बागवानों, आपदा प्रबंधन एजैंसियों और आम लोगों को स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम की जानकारी उपलब्ध कराना है। एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 630 साइटों पर सिविल कार्य शुरू हो चुका है, जबकि 357 साइटों का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा 167 स्थानों पर ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन और रेन गेज का इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है, जो जल्द ही कार्य करना शुरू कर देंगे, जबकि 130 स्टेशन चालू होकर रियल टाइम मौसम का डेटा भेजना भी शुरू कर चुके हैं। 

परियोजना की प्रगति में ऊना जिला सबसे आगे
परियोजना की प्रगति में ऊना जिला सबसे आगे है। जिले में निर्धारित 143 स्थानों पर सिविल कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें 129 साइटों पर उपकरण स्थापित हो चुके हैं तथा 115 स्टेशनों से लाइव मौसम डेटा प्राप्त होने लगा है। दूसरे स्थान पर कांगड़ा जिला है। यहां कुल 483 साइटों में से 80 स्थानों पर सिविल कार्य पूरा किया गया है। 16 साइटों पर इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है तथा 15 स्टेशन चालू होकर डेटा उपलब्ध करा रहे हैं। शिमला जिले में 209 साइटों में से 20 स्थानों पर कार्य शुरू हुआ है और 21 साइटों का सिविल कार्य पूरा किया जा चुका है। यहां 6 साइटों पर उपकरण भी स्थापित किए गए हैं। 

सोलन में 250 साइटों में से 27 स्थानों पर काम शुरू
मंडी जिले में 311 साइटों में से 44 स्थानों पर सिविल कार्य शुरू और पूरा हो चुका है तथा 16 साइटों पर इंस्टॉलेशन किया गया है। सोलन जिले में 250 साइटों में से 27 स्थानों पर काम शुरू हुआ है। इनमें 18 साइटों का सिविल कार्य पूरा किया गया है। इसके अलावा सिरमौर, हमीरपुर, चम्बा, कुल्लू, किन्नौर, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति में भी चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाएगा। प्रदेश सचिव, कृषि एवं बागवानी विभाग सी. पालरासु ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में कार्य तेजी से चल रहा है और अनेक स्टेशनों से लाइव मौसम डेटा मिलना शुरू हो गया है।

आपदा की समय रहते मिलेगी जानकारी
भारी बारिश, बादल फटना, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं की समय रहते जानकारी मिलने से जिला प्रशासन पहले ही अलर्ट जारी कर सकेगा। राहत एवं बचाव कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी मजबूत होगी। मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंचायत स्तर का मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध होगा। इससे स्कूली बच्चों, पर्यटकों, परिवहन विभाग, बिजली परियोजनाओं और आम नागरिकों को यात्रा और दैनिक कार्यों की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

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