Edited By Kuldeep, Updated: 08 Aug, 2026 03:05 PM

हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर अपना वर्जन देते हुए कहा है कि वह किसी व्यक्तिगत द्वेष के चलते नहीं, बल्कि विपक्ष के प्रमुख दल के प्रवक्ता के नाते जनहित के मुद्दे उठा रहे...
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर अपना वर्जन देते हुए कहा है कि वह किसी व्यक्तिगत द्वेष के चलते नहीं, बल्कि विपक्ष के प्रमुख दल के प्रवक्ता के नाते जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं। सरकार की नाकामियों, 10 गारंटियों, जनता से किए वायदों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक दायित्व है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि एफआईआर दर्ज करवाने में ध्यान लगाने के बजाय प्रदेश की जनता को दी गई उन 10 गारंटियों को पूरा करने पर ध्यान दें, जो अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। अगर सरकार अपना ध्यान गारंटियां पूरी करने पर लगाएगी तो इससे प्रदेश और प्रदेश की जनता का भला होगा।
राजेंद्र राणा ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा, “1975 में जिन लोगों ने देश में आपातकाल थोपा था, लगता है उन लोगों की आत्मा प्रदेश के मुखिया के अंदर आ चुकी है और वह उसी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय सरकार को सवालों का जवाब देना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जनहित में उठाए गए मुद्दों से यदि मुख्यमंत्री की आत्मा को ठेस पहुंच रही है तो वह अपनी आत्मा के सुकून के लिए उनके खिलाफ और मामले दर्ज करवा सकते हैं और जब चाहें गिरफ्तार करवा सकते हैं।राणा ने स्पष्ट किया कि एफआईआर या गिरफ्तारी का डर उन्हें विपक्ष की भूमिका निभाने और जनहित के मुद्दे उठाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि वह सरकारी दमन चक्र के आगे झुक कर जनता के हितों की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जितने केस बनाने हैं बना लो, जब मर्जी पुलिस भेजकर गिरफ्तार करवा दो, लेकिन मैं जनता की आवाज पहले की तरह आगे भी लगातार उठाता रहूंगा।