Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 01 Aug, 2026 06:37 PM

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि ऊना जिले के हरोली में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क के कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज के विकास के लिए केंद्र सरकार ने...
हमीरपुर (राजीव): सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि ऊना जिले के हरोली में स्थापित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क के कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज के विकास के लिए केंद्र सरकार ने प्रमोशन ऑफ बल्क ड्रग पार्क योजना के अंतर्गत 1000 करोड़ की ग्रांट-इन-एड स्वीकृत की है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1923 करोड़ है, जबकि कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज की लागत 1118.46 करोड़ निर्धारित की गई है।
मंत्रालय के अनुसार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 5 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमैंट प्लांट को 244.43 करोड़ की लागत से स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना को 25 सितम्बर, 2025 को पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा सिविल कार्यों, साइट डिमार्केशन व स्टीम जैनरेशन से जुड़े प्रमुख टैंडर आबंटित किए जा चुके हैं। वहीं पहले चरण में 800 एकड़ क्षेत्र में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश को देश के प्रमुख फार्मास्यूटिकल विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के विकसित होने से प्रदेश में 8,000 से 10,000 करोड़ तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है तथा 15,000 से 20,000 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।