Edited By Vijay, Updated: 07 Jun, 2026 12:41 PM

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की मुस्तैद टीम ने लग्जरी गाड़ी (स्कॉर्पियो) के जरिए हो रही खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए 2 आरोपियों को पकड़ा है।
गगरेट (बृज): हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की मुस्तैद टीम ने लग्जरी गाड़ी (स्कॉर्पियो) के जरिए हो रही खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए 2 आरोपियों को पकड़ा है। वन विभाग ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर आरोपियों को गगरेट पुलिस के हवाले कर दिया है।
जानकारी के अनुसार रविवार तड़के करीब 2:30 बजे वन विभाग की टीम गश्त पर थी। इस टीम में वन खंड अधिकारी (गगरेट) नरेश कुमार और जाड़ला बीट के वन रक्षक विक्रांत कुमार शामिल थे। गश्त के दौरान जाड़ला कोइड़ी इलाके में उन्हें एक स्कॉर्पियो गाड़ी संदिग्ध हालत में जाती हुई दिखाई दी। शक होने पर वन विभाग की टीम ने जब गाड़ी को रोककर तलाशी ली, तो उसके अंदर खैर की लकड़ी के 7 मौछे लदे हुए मिले। गाड़ी में बैठे महिंद्र सिंह और हरमेश चंद से जब रात के समय लकड़ी काटने और उसे ले जाने (परिवहन) के वैध दस्तावेज या परमिट मांगे गए, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर सके।
अवैध तस्करी की पुष्टि होते ही वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और गगरेट पुलिस को मौके पर बुला लिया। सूचना मिलते ही एएसआई मोंटी गुलेरिया के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम वहां पहुंची। वन विभाग ने जब्त की गई खैर की लकड़ी, स्कॉर्पियो वाहन और दोनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने वन विभाग की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद डीएफओ ऊना ने आम जनता से पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति को पेड़ों के अवैध कटान, वन संपदा की चोरी या लकड़ी की संदिग्ध आवाजाही की भनक लगती है, तो वह तुरंत वन विभाग या पुलिस को इसकी सूचना दे। डीएफओ ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले मुखबिर की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
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