Edited By Vijay, Updated: 07 Aug, 2026 10:41 PM

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। उपमंडल अम्ब के अंतर्गत आते मुबारिकपुर के एक युवक से सिंगापुर में 2 साल का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी की गई है।
अम्ब (अश्विनी): हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। उपमंडल अम्ब के अंतर्गत आते मुबारिकपुर के एक युवक से सिंगापुर में 2 साल का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहतक (हरियाणा) निवासी तीन आरोपियों पूनम, दीपक और रियाज के खिलाफ मामला दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर जाल में फंसा युवक
पुलिस को दी गई शिकायत में गांव व डाकघर मुबारिकपुर निवासी राम सिंह पुत्र रूप सिंह ने बताया कि इस साल जनवरी महीने में उसने सोशल मीडिया पर रोहतक स्थित 7 स्टार इमिग्रेशन का एक विज्ञापन देखा था, जिसमें सिंगापुर का 2 वर्षीय वर्क वीजा दिलाने का दावा किया गया था। इस विज्ञापन से प्रभावित होकर उसने फर्म की संचालक पूनम से संपर्क किया। आरोप है कि पूनम, दीपक और रियाज ने मिलकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। सिंगापुर में पक्की नौकरी का झांसा देकर आरोपियों ने उससे पहले 15 हजार रुपए नकद लिए और फिर प्रोसैसिंग फीस के नाम पर 20 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
फर्जी आईपीए लैटर थमाया, 8 लाख रुपए ऐंठे
शिकायतकर्ता राम सिंह के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने उसका वीजा स्वीकृत होने का झूठा दावा किया। उन्होंने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से राम सिंह से कुल करीब 8 लाख रुपए जमा करवा लिए और उसे एक इन-प्रिंसीपल अप्रूवल (आईपीए) लैटर भेज दिया, जो पूरी तरह से फर्जी था। इसी फर्जी पत्र के आधार पर राम सिंह 15 मार्च को अपने खर्च पर सिंगापुर पहुंच गया, लेकिन जब वह वहां पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे पता चला कि जिस कंपनी में उसे नौकरी देने का दावा किया गया था, सिंगापुर में उस कंपनी का कोई वजूद ही नहीं है।
सिंगापुर इमिग्रेशन ने किया डिपोर्ट, भारत लौटने पर एजैंटों ने नहीं उठाया फोन
कुछ समय बाद सिंगापुर के इमिग्रेशन विभाग से उसे तुरंत देश छोड़ने का ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद उसे मजबूरन भारत वापस लौटना पड़ा। राम सिंह ने आरोप लगाया कि भारत लौटने के बाद जब उसने पूनम, दीपक और रियाज से अपने पैसे वापस मांगे तो उन्होंने पहले टालमटोल किया और झूठा आश्वासन दिया। बाद में आरोपियों ने उसका फोन उठाना ही बंद कर दिया। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली और आरोपियों के लाइसैंस की जांच करवाने व सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
क्या कहते हैं डीएसपी अम्ब
इस पूरे मामले पर डीएसपी अम्ब अनिल पटियाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इमिग्रेशन कंपनी के दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की गहनता से जांच कर रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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