Hamirpur: बाबा बालक नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सामान चुराते रंगे हाथ पकड़े 3 अस्थायी कर्मचारी

Edited By Kuldeep, Updated: 24 May, 2026 04:11 PM

diotsidh temple thieves caught

बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार तड़के मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए रखे गए मंदिर न्यास के अस्थायी कर्मचारियों द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।

दियोटसिद्ध (रजत): बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार तड़के मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए रखे गए मंदिर न्यास के अस्थायी कर्मचारियों द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। जानकारी के अनुसार कपूरथला से करीब 700 श्रद्धालुओं का एक जत्था बाबा जी के दरबार में माथा टेकने पहुंचा हुआ था। शनिवार रात और रविवार दोपहर के लंगर की व्यवस्था इसी जत्थे द्वारा सरकारी लंगर भवन में करवाई जा रही थी। रात को सभी श्रद्धालु विश्राम हॉल में सो रहे थे कि इसी दौरान सुबह करीब 3 बजे 3 अज्ञात व्यक्ति हॉल में दाखिल हुए और सोए हुए श्रद्धालुओं के मोबाइल, नकदी और गहने चुराने लगे। कुछ श्रद्धालुओं की आंख खुलने पर उन्होंने इन संदिग्धों को दबोच लिया और जब इनकी तलाशी ली गई तो इनसे चोरी का सामान बरामद हुआ एवं कुछ सामान का अभी कुछ पता नहीं है।

इस घटना के बाद विश्राम हॉल में हड़कंप मच गया और पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंदिर न्यास के अस्थायी कर्मियों और सफाई कर्मचारी के रूप में हुई। वहीं गुस्साए श्रद्धालुओं ने तीनों आरोपियों को हॉल के पिल्लरों से बांध दिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस सारे प्रकरण की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वीडियो में आरोपियों को बुरी तरह से पीटा जा रहा है और उनके पास से गहनों के अलावा नकदी एवं मोबाइल लिए जा रहे हैं। वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही बाबा बालक नाथ न्यास की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोपियों को भीड़ से बचा कर अपने कब्जे में लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा यह शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है तो मंदिर प्रशासन अपने स्तर पर इनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाए। बताते चलें कि बाबा जी दरबार में चैत्र मेलों के दौरान 150 के करीब अस्थायी कर्मचारी रखे जाते हैं, जिसमें से 100 के करीब कर्मचारियों की ड्यूटी 13 मार्च से 13 अप्रैल तक ली जाती है और बाकी 50 की 13 मार्च से 30 जून तक ली जाती है। इन अस्थायी कर्मचारियों में से कुछ की ड्यूटी सफाई व्यवस्था के लिए लगाई जाती है और कुछ की झंडे वाली जगह व लंगर भवन में लगाई जाती है।

इस संबंध में मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने कहा कि उक्त तीनों आरोपियों को मंदिर के पदों से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा ने बताया कि पुलिस के पास इस प्रकार का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।

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