कुल्लू में आपदा से तबाही का आकलन करने पहुंची केंद्रीय टीम, मनाली सहित बंजार और आनी का किया दौरा

Edited By Vijay, Updated: 30 Sep, 2026 04:22 PM

central team reaches kullu to assess the devastation caused by the disaster

मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कुल्लू जिले में हुई भारी तबाही और नुक्सान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम कुल्लू पहुंची है।

कुल्लू: मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कुल्लू जिले में हुई भारी तबाही और नुक्सान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम कुल्लू पहुंची है। बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन इस 6 सदस्यीय टीम ने मनाली, बंजार और आनी उपमंडलों के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का धरातल पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया।

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पेयजल योजनाओं से लेकर ट्राऊट फार्म तक का लिया जायजा
केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में आई इस टीम ने क्षतिग्रस्त सरकारी और निजी परिसंपत्तियों का बारीकी से आकलन किया। टीम ने सबसे पहले ओल्ड मनाली में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने सोलंग गांव का दौरा कर वहां भूस्खलन से हुए भारी नुक्सान का जायजा लिया। इसके अलावा, टीम ने पतलीकूहल स्थित ट्राऊट फार्म का भी निरीक्षण किया और मत्स्य पालन केंद्र से जुड़ी संपत्तियों को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। बंजार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों और आनी उपमंडल के खनाग स्थित डीम्ड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का भी टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।

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राज्य सरकार की रिपोर्ट के बाद केंद्र को भेजी जाएगी सिफारिश
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि केंद्र सरकार ने मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुक्सान का सटीक आकलन करने के लिए इस टीम का गठन किया है। यह टीम इससे पहले हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों का भी दौरा कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थलीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़कों, पेयजल योजनाओं, मकानों, कृषि-बागवानी क्षेत्रों और विद्युत व्यवस्था को हुए नुक्सान की वास्तविक स्थिति को समझना है। रामचंद्रुडु ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आपदा से हुए नुक्सान की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केंद्रीय टीम उसका अध्ययन करेगी। राज्य सरकार की रिपोर्ट और टीम के स्थलीय निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर राहत और वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजी जाएंगी।

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विभिन्न मंत्रालयों और इसरो के वैज्ञानिक भी टीम में शामिल
नुक्सान का तकनीकी और सटीक आकलन करने के लिए इस टीम में विभिन्न मंत्रालयों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व वाली इस टीम में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा और वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (हैदराबाद) के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी भी सैटेलाइट डेटा और भौगोलिक स्थिति के आकलन के लिए टीम का हिस्सा हैं। दौरे के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एडीएम कुल्लू सुरजीत राठौर और एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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