कुल्लू में NCB का बड़ा एक्शन, 61 एकड़ से ज्यादा अवैध गांजे की खेती नष्ट

Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Sep, 2026 09:41 AM

over 61 acres of illegal cannabis cultivation destroyed in kullu

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हिमाचल प्रदेश में अवैध गांजे की खेती के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया है। इसके तहत अब तक कुल्लू जिले के दूरदराज और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 61 एकड़ से ज्यादा अवैध फसल को नष्ट किया जा चुका है। यह अभियान इंडो-तिब्बत...

Kullu News : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हिमाचल प्रदेश में अवैध गांजे की खेती के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया है। इसके तहत अब तक कुल्लू जिले के दूरदराज और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 61 एकड़ से ज्यादा अवैध फसल को नष्ट किया जा चुका है। यह अभियान इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP), हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य वन विभाग के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की जाएगी कानूनी कार्रवाई

एनसीबी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, "टीमें मुश्किल पहाड़ी इलाकों में काम कर रही हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया को जियो-टैग किया जा रहा है और तस्वीरें व वीडियो बनाकर इसका रिकॉर्ड रखा जा रहा है। अवैध खेती के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, इस प्रक्रिया के हर चरण को जियो-टैग किया जा रहा है और तस्वीरें व वीडियो के जरिए बारीकी से रिकॉर्ड किया जा रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अवैध खेती के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह ऑपरेशन 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026–29)' के तहत की जा रही बड़ी कोशिशों का एक अहम हिस्सा है। यह दस्तावेज ड्रग्स को उनके स्रोत पर ही खत्म करके "नशा मुक्त भारत" बनाने का एक स्पष्ट रोडमैप बताता है। इस रणनीति का एक मुख्य आधार केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए अवैध खेती को पूरी तरह खत्म करना है।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ऊबड़-खाबड़ जमीन और मुश्किल पहुंच के कारण गांजे की खेती लंबे समय से कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए एक चुनौती रही है। कई सुरक्षा बलों की खास टीमों को तैनात करके, इस अभियान का मकसद सप्लाई चेन को उसकी शुरुआत में ही तोड़ना और अवैध खेती के तरीकों के खिलाफ एक कड़ा संदेश देना है। अधिकारियों ने जोर दिया कि नशीले पदार्थों की उपलब्धता को रोकने और ड्रग्स के कारोबार से होने वाले सामाजिक और आर्थिक नुकसान से समुदायों को बचाने के लिए इस तरह की लगातार कार्रवाई जरूरी है। यह संयुक्त ऑपरेशन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को भी दिखाता है। इसमें NCB नेतृत्व कर रही है, साथ ही राज्य पुलिस, आईटीबीपी और वन विभाग के कर्मचारियों की स्थानीय जानकारी और ऑपरेशनल ताकत का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे-जैसे यह अभियान आगे बढ़ रहा है, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अवैध खेती वाले और भी इलाकों को इसमें शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों ने उचित कानूनी प्रक्रियाओं के ज़रिए इन मामलों को उनके तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के अपने संकल्प को दोहराया। इस ऑपरेशन की सफलता को अवैध नशीले पदार्थों की खेती को खत्म करने और नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य के करीब पहुँचने के राष्ट्रीय अभियान में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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