Edited By Vijay, Updated: 23 Oct, 2026 05:59 PM

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसे कांगड़ा के इतिहास में सट्टेबाजी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
कांगड़ा (कालड़ा): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसे कांगड़ा के इतिहास में सट्टेबाजी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। गुप्त सूचना के आधार पर देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एक किराए के मकान से इस अवैध धंधे को चला रहे थे।
बीरता गांव से चल रहा था नैटवर्क
कांगड़ा थाना प्रभारी आदर्श बरयाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कांगड़ा के बीरता गांव स्थित एक किराए के मकान से संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के स्थानीय लोगों के अलावा बिहार और अन्य राज्यों के निवासी भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 41 मोबाइल फोन और 7 लैपटॉप शामिल हैं।
क्रिकेट और फुटबॉल पर होती थी माइक्रो-बैटिंग
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह क्रिकेट और फुटबॉल सहित अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाता था। यह लोग मैचों में माइक्रो-बैटिंग भी करवाते थे, जिसके तहत एक ओवर में कितने रन बनेंगे या कितने विकेट गिरेंगे जैसी छोटी-छोटी गतिविधियों पर सट्टा लगाया जाता था। इस पूरे अवैध खेल को विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिया जा रहा था।
म्यूल खातों से लाखों का लेन-देन, व्हाट्सएप से संपर्क में थे आरोपी
पुलिस की छानबीन में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों रुपए के अवैध लेन-देन का पता चला है। सट्टे की रकम के ट्रांजैक्शन के लिए गिरोह द्वारा म्यूल बैंक अकाऊंट्स (दूसरों के नाम पर खोले गए या किराए के खाते) का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी गुर्गे व्हाट्सएप के जरिए इस नैटवर्क के मुख्य सरगना के सीधे संपर्क में थे।
आरोपियों के नाम रखे गए गुप्त, फोरैंसिक जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार बहुत गहरे जुड़े हुए हैं और दर्जनों अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है। मुख्य सरगना और अन्य साथी अलर्ट होकर फरार न हो जाएं, इसलिए रणनीतिक तौर पर फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम और पते सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। जब्त किए गए सभी 41 मोबाइल और 7 लैपटॉप की फोरैंसिक जांच की जा रही है। कांगड़ा पुलिस का दावा है कि इन उपकरणों और बैंक खातों की जांच से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जब इस नैटवर्क के सभी मास्टरमाइंड पकड़ लिए जाएंगे तो यह हिमाचल प्रदेश में सट्टेबाजी के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई साबित होगी। पुलिस बैंक खातों की डिटेल खंगालने के साथ-साथ गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।
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