Edited By Vijay, Updated: 30 Sep, 2026 02:52 PM

हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिगों के खिलाफ हुए अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए दो अहम फैसले सुनाए हैं।
रामपुर बुशहर (संतोष): हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिगों के खिलाफ हुए अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए दो अहम फैसले सुनाए हैं। अदालत ने पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने पैरवी कर दोषियों को सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
इलाज के लिए आई नाबालिग को बनाया था शिकार
पहले मामले में अदालत ने दोषी राम बहादुर निवासी जिला जुमला आंचलभेरी, नेपाल को 20 साल की कैद और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पीड़िता के हृदय में छेद था और उसकी माता उसे इलाज के लिए घटना से कुछ दिन पहले ही नेपाल से रिकांगपिओ लेकर आई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 नवम्बर को पीड़िता की माता काम की तलाश में बाहर गई हुई थी। इसी दौरान पानी भरने गई पीड़िता को अकेला पाकर नशे में धुत्त आरोपी ने जबरन उसे अपने कमरे में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान पीड़िता ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी के ही फोन से अपनी माता को घटना की जानकारी दे दी। सूचना मिलते ही माता ने तुरंत अपने एक परिचित को मौके पर भेजा। परिचित ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो आरोपी आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद थाना रिकांगपिओ में शिकायत दर्ज करवाई गई। तत्कालीन जांच अधिकारी भरत सिंह ने मामले की गहन जांच कर चालान कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत में 20 गवाहों के बयान दर्ज हुए, जिसके आधार पर कोर्ट ने साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी को बीएनएस और पोक्सो अधिनियम के तहत दोषी करार दिया।
रिश्तों को शर्मसार करने वाले पिता को भी 20 साल की कैद
दूसरे मामले की जानकारी देते हुए न बताया कि कोर्ट ने एक अन्य बेहद संवेदनशील मामले में भी सख्त सजा सुनाई है। इस मामले में अपनी ही नाबालिग बेटी का पिछले दो-तीन वर्षों से शारीरिक शोषण करने वाले एक कलयुगी पिता को अदालत ने दोषी करार दिया है। रिश्तों को शर्मसार करने वाले इस मामले में भी पोक्सो कोर्ट ने कड़ा संदेश देते हुए दोषी पिता को 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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