Edited By Vijay, Updated: 05 Jul, 2026 04:27 PM

उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिली। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 15000 श्रद्धालुओं ने बाबा जी के दरबार में...
दियोटसिद्ध (रजत): उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिली। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 15000 श्रद्धालुओं ने बाबा जी के दरबार में हाजिरी भरी। भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए करीब 3 घंटे तक लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद गुफा में माथा टेककर भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मन्नतें मांगीं।
सुबह 5 बजे खुल गए थे कपाट
रविवार का दिन होने के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार हो गया था और पूरा माहौल 'जय बाबे दी' के जयकारों से गूंज रहा था। प्रतिदिन की भांति रविवार को भी सुबह ठीक 5 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। दर्शनों का यह सिलसिला सुबह से लेकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने से भीड़ में हल्की कमी
भले ही रविवार को 15 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने माथा टेका, लेकिन पिछले रविवार की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी कमी दर्ज की गई। मंदिर प्रशासन के अनुसार इसका प्रमुख कारण पंजाब और हरियाणा के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का समाप्त होना माना जा रहा है। छुट्टियां खत्म होने के बाद परिवारों की आवाजाही में कमी आई है, जिसका सीधा असर इस रविवार को दर्शनार्थियों की संख्या पर भी दिखाई दिया।
मंदिर अधिकारी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर अधिकारी राजेश शर्मा पूरा दिन स्वयं मंदिर परिसर में डटे रहे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, सफाई, पेयजल, पार्किंग तथा श्रद्धालुओं की अन्य सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन के बेहतर प्रबंधन के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी ने शांतिपूर्ण व व्यवस्थित ढंग से बाबा जी के दर्शन किए।
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