Edited By Swati Sharma, Updated: 22 Aug, 2026 11:19 AM

हिमाचल सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि प्रदेश में सरकार के कंट्रोल वाले 36 मंदिरों में 1 जनवरी 2024 से 1 अगस्त 2026 के बीच 419.88 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया है।
Shimla News : हिमाचल सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि प्रदेश में सरकार के कंट्रोल वाले 36 मंदिरों में 1 जनवरी 2024 से 1 अगस्त 2026 के बीच 419.88 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया है।
एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इकट्ठा हुए चढ़ावे का इस्तेमाल मंदिरों के रखरखाव, सुंदरता बढ़ाने, साफ-सफाई, लाइटिंग, गौशालाओं को चलाने, धार्मिक समारोहों, मेलों और पुजारियों व मंदिर के कर्मचारियों की सैलरी देने में किया जाता है। कांग्रेस विधायक केवल सिंह के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चढ़ावे का 50 प्रतिशत हिस्सा गौसदन (गाय आश्रय) के निर्माण और रखरखाव के लिए तय किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के फंड को खर्च करने के लिए कोई नियम नहीं हैं और अभी राज्य सरकार इस बारे में कोई नियम बनाने पर विचार नहीं कर रही है।
यह मंदिर रहे सबसे आगे
बता दें कि हमीरपुर में बाबा बालक नाथ देवत सिद्ध मंदिर में 99.19 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया। इसके बाद बिलासपुर में नैना देवी मंदिर (86.94 करोड़ रुपये) और ऊना ज़िले में माता चिंतपूर्णी मंदिर (85.72 करोड़ रुपये) का नंबर आता है। 2024 में कुल चढ़ावा 153.32 करोड़ रुपये था, 2025 में चढ़ावा 157.51 करोड़ रुपये था और 2026 में 1 अगस्त तक चढ़ावा 109.4 करोड़ रुपये था।
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