Edited By Vijay, Updated: 30 Sep, 2026 11:26 AM

हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में पिछले 13 वर्षों से आऊटसोर्स आधार पर कार्यरत लगभग 160 डाटा एंट्री ऑप्रेटरों का भविष्य अधर में लटक गया है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में पिछले 13 वर्षों से आऊटसोर्स आधार पर कार्यरत लगभग 160 डाटा एंट्री ऑप्रेटरों का भविष्य अधर में लटक गया है। आज (30 सितम्बर) इन कर्मचारियों का सेवाकाल समाप्त हो रहा है और उन्हें 1 अक्तूबर से काम पर न आने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना लिखित आदेश के सेवाएं समाप्त करने की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रम एवं रोजगार निदेशालय ने सभी जिला रोजगार अधिकारियों को मौखिक आदेश जारी किए हैं कि 1 अक्टूबर से इन ऑप्रेटरों को कार्यालय में उपस्थित होने से मना कर दिया जाए। हैरानी की बात यह है कि कर्मचारियों को विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक लिखित नोटिस या आदेश नहीं दिया गया है। मौखिक निर्देशों में यहां तक कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी कार्यालय आता है, तो उसे उस दिन का वेतन देय नहीं होगा।
विभाग का तर्क, योजनाएं बंद और बजट नहीं
निदेशालय का कहना है कि इन कर्मचारियों के सेवा नवीकरण की फाइल वर्तमान में प्रमुख सचिव (श्रम विभाग) के कार्यालय में लंबित है। इसके अतिरिक्त, विभाग का तर्क है कि जिन योजनाओं (कौशल विकास भत्ता योजना-2013 और बेरोजगार भत्ता योजना-2017) के संचालन के लिए इन कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई थीं, वे योजनाएं वर्तमान में बंद हो चुकी हैं। इसके चलते इन पदों के लिए कोई बजट उपलब्ध नहीं है।
कर्मचारी महासंघ ने जताया कड़ा रोष
विभाग की इस कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। श्रम व रोजगार आऊटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष यदोपति चौहान ने सरकार और विभाग के इस रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार के बयानों और जमीनी हकीकत में अंतर का हवाला देते हुए कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने और किसी को भी नौकरी से न निकालने का आश्वासन देते हैं, वहीं दूसरी ओर 13 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अचानक बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। महासंघ ने मुख्यमंत्री से मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि इन कर्मचारियों के सेवाकाल का जल्द से जल्द नवीकरण किया जाए ताकि 160 परिवारों के समक्ष खड़ी हुई रोजी-रोटी की समस्या का समाधान हो सके।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें