Edited By Vijay, Updated: 09 Sep, 2026 02:17 PM

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में वन विभाग (वन्य प्राणी प्रभाग) की टीम ने वन माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देवदार की अवैध तस्करी का पर्दाफाश किया है।
कुल्लू (धनी राम): हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में वन विभाग (वन्य प्राणी प्रभाग) की टीम ने वन माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देवदार की अवैध तस्करी का पर्दाफाश किया है। टीम ने नाकेबंदी के दौरान एक जीप का पीछा कर उसे पकड़ा और उसमें से देवदार के 25 अवैध स्लीपर बरामद किए। इस दौरान तस्करों ने जीप भगाने के चक्कर में एक राहगीर को भी टक्कर मार दी। वन विभाग ने जीप और लकड़ी को जब्त कर उसमें सवार 2 लोगों को पकड़ लिया है।
गुप्त सूचना पर लगाया था नाका, रुकने की बजाय भगाई जीप
जानकारी के अनुसार वन्य प्राणी विभाग को बीती रात गुप्त सूचना मिली थी कि एक वाहन में अवैध लकड़ी की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने शियागी ढोग नामक स्थान पर नाका लगाया। इसी दौरान दोहरानाला की ओर से कुल्लू की तरफ आ रही एक संदिग्ध जीप को टीम ने जांच के लिए रुकने का इशारा किया,लेकिन चालक ने वाहन रोकने की बजाय तेज रफ्तार में कुल्लू की तरफ भगा दिया।
राहगीर को मारी टक्कर, पंचायत घर के पास धरे गए
जीप के भागने पर वन विभाग की टीम ने तुरंत उसका पीछा करना शुरू कर दिया। चालक जीप को कारे-अप्पर बदाह की तरफ से भगाते हुए आगे निकाला। इसी भागदौड़ में भुंतर गुरुद्वारा के पास तेज रफ्तार जीप की एक राहगीर से टक्कर हो गई, जिससे चालक के भी घायल होने की जानकारी है। हादसे के बावजूद तस्करों ने वाहन नहीं रोका और उसे आगे ले गए। वन विभाग की टीम ने लगातार पीछा करते हुए गुरुद्वारा से करीब 150 मीटर आगे पुराने गड़सा रोड पर भुइन पंचायत घर के नजदीक जीप को आखिरकार दबोच लिया।

वाहन से मिले देवदार के 25 स्लीपर, नहीं दिखा पाए दस्तावेज
वन विभाग की टीम ने जब जीप की तलाशी ली, तो उसके अंदर से अलग-अलग माप के देवदार की लकड़ी के 25 स्लीपर बरामद हुए। पूछताछ के दौरान जीप में सवार दोनों व्यक्ति लकड़ी से संबंधित कोई भी वैध परमिट या दस्तावेज पेश नहीं कर सके। वन विभाग की टीम ने तुरंत बरामद लकड़ी पर जब्ती हंबर लगाकर उसे और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
डीएफओ ने पुलिस में दर्ज करवाई एफआईआर
वन्य प्राणी प्रभाग कुल्लू के डीएफओ राजेश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकेबंदी के दौरान यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया था, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। लकड़ी के कोई वैध दस्तावेज न मिलने पर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवा दी गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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