Edited By Vijay, Updated: 21 Oct, 2026 06:04 PM

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सीमांत गांव सिंगा में एक स्टोन क्रशर स्थापित किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव में कथित रूप से अवैध तरीके से लगाए जा रहे इस क्रशर के विरोध में पूरा गांव एकजुट हो गया है।
ऊना (विशाल): हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सीमांत गांव सिंगा में एक स्टोन क्रशर स्थापित किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव में कथित रूप से अवैध तरीके से लगाए जा रहे इस क्रशर के विरोध में पूरा गांव एकजुट हो गया है। बुधवार को पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीसी और एसपी ऊना से मुलाकात की और इस संबंध में एक शिकायत पत्र सौंपा।
फर्जी दस्तावेजों और एनओसी का आरोप
ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण क्रशर संचालक द्वारा पेश किए गए दस्तावेज हैं। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्रशर स्थापित करने के लिए जिस अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों का उपयोग किया गया है, वे पूरी तरह से फर्जी और गैर-कानूनी हैं।
पूर्व पंचायत प्रधान बोले- 'एनओसी हस्ताक्षर मेरे नहीं'
इस मामले में सबसे अहम दावा गांव के पूर्व पंचायत प्रधान गुरुदेव ने किया है। उन्होंने शिकायत पत्र के माध्यम से प्रशासन को स्पष्ट किया है कि क्रशर के लिए प्रस्तुत की गई एनओसी पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। उनका आरोप है कि यह पत्र फर्जी तरीके से तैयार किया गया है और इसके जरिए प्रशासन व ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
पूरा गांव कर रहा है स्थापना का विरोध
बुधवार को डीसी और एसपी कार्यालय पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में मौजूदा पंचायत प्रधान और स्थानीय भाजपा नेता धर्मेंद्र राणा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सिंगा गांव में इस क्रशर की स्थापना के खिलाफ पूरी आबादी लामबंद है, क्योंकि इससे गांव के पर्यावरण और शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उच्च स्तरीय जांच और काम रोकने की उठाई मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पूर्व प्रधान के जाली हस्ताक्षरों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की गई इस एनओसी की तुरंत एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कथित अवैध रूप से लग रहे इस क्रशर के निर्माण और संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
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