Edited By Rahul Singh, Updated: 16 Jul, 2026 06:48 PM

नूरपुर वन मंडल के अंतर्गत कंडवाल विट में अवैध कटान के खिलाफ लोगों का गुस्सा निकलता हुआ भी दिखा। दरअसल, लोध्वां बॉडी खड्ड के पास स्थानीय लोगों ने खैर से लदी एक पिकअप को रोका और फिर वन विभाग के हवाले किया।
नूरपुर (राहुल राणा/मोंटी कटोच) : नूरपुर वन मंडल के अंतर्गत कंडवाल विट क्षेत्र में अवैध कटान के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लोध्वां बॉडी खड्ड के समीप ग्रामीणों ने खैर की लकड़ी से लदी एक पिकअप को रोक लिया और उसे वन विभाग के हवाले कर दिया। इस दौरान लोगों ने अवैध कटान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया तथा गाड़ी के शीशे तोड़कर अपना रोष भी व्यक्त किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप में लदे खैर के मोछों पर वन विभाग का अनिवार्य हैमर (मार्किंग) नहीं लगा हुआ था। हैमर न होने के कारण लोगों को संदेह हुआ कि लकड़ी का कटान अवैध रूप से किया गया है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया और इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और जांच शुरू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कटान की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि वन संपदा को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो जंगलों की हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने वन विभाग से अवैध कटान में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
रेंज ऑफिसर (आर.ओ.) हमीद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके से खैर के कुल 27 मोछे बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खैर के ये पेड़ सरकारी भूमि से काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि वाहन चालक संदीप और उसके साथी सन्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा मामले में वन अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
आर.ओ. हमीद ने बताया कि बरामद पिकअप वाहन आकाश इंदोरिया का है। उन्होंने कहा कि आकाश इंदोरिया का नाम इससे पहले भी अवैध कटान के मामलों में सामने आ चुका है। पूर्व में भी उसे अवैध कटान के आरोप में पकड़ा गया था और उस पर भारी जुर्माना लगाया गया था। वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध कटान में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।