Shimla : CM सुक्खू ने कहा- मनरेगा को वीबी-जी-राम-जी योजना में बदलना राज्य के हित में नहीं

Edited By Swati Sharma, Updated: 09 Jul, 2026 12:26 PM

transforming mgnrega into vb g ram ji scheme is not in state interest cm sukhu

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को इस नयी योजना से बदलना राज्य के हित में नहीं है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की यहां आयोजित...

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को इस नयी योजना से बदलना राज्य के हित में नहीं है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की यहां आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुक्खू ने कहा कि मनरेगा पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है, जबकि वीबी-जी-राम-जी योजना में राज्य को व्यय का 10 प्रतिशत योगदान देना होगा, जिससे हिमाचल प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि ग्रामीण हिमाचल के समग्र विकास में इसकी प्रमुख भूमिका है। प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए विभाग में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है और आने वाले समय में और अधिक भर्तियां की जाएंगी। सुक्खू ने घोषणा की कि राज्य सरकार देश भर में पंचायत घरों के निर्माण को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों को ऊना में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण को पूरा करने के लिए अतिरिक्त धन जारी करने का भी निर्देश दिया। विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि पात्र लाभार्थियों तक समय पर लाभ पहुंच सके। उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायती राज सचिव को प्रभावी ऑनलाइन निगरानी के लिए विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के साथ एकीकृत करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया ताकि बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को उनकी आजीविका मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता मिल चुकी है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर विपणन अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने कहा कि शिमला में एक हिमाचल हाट का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पंडोह और कुल्लू में शोरूम स्थापित किये जा रहे हैं। ऐसा ही एक शोरूम धर्मशाला में पहले से ही चालू है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को उनके उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए फूड वैन भी प्रदान की गयी हैं और भविष्य में ऐसे और वाहन वितरित किए जाएंगे। 

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