Edited By Vijay, Updated: 13 Aug, 2026 12:08 PM

हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर में जिन सरकारी कार्यालयों पर व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है, वही नगर निगम के लाखों रुपए के पानी के बिल दबाए बैठे हैं।
सोलन (नरेश पाल): हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर में जिन सरकारी कार्यालयों पर व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है, वही नगर निगम के लाखों रुपए के पानी के बिल दबाए बैठे हैं। शहर में जहां एक ओर आम जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों सहित 1,383 उपभोक्ताओं पर पानी के करीब 3.02 करोड़ रुपए के बिल पैंडिंग हैं।
सरकारी विभागों पर 1.22 करोड़ रुपए की देनदारी
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार कुल 3.02 करोड़ रुपए के बकाये में से शहर के 46 सरकारी कार्यालयों पर ही करीब 1.22 करोड़ रुपए का बिल पैंडिंग है। इसके अलावा शहर के अन्य आम और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी लगभग 1.80 करोड़ रुपए की देनदारी बकाया है। सरकारी दफ्तरों में पानी बहता रहा, लेकिन बिल चुकाने की फाइलें निगम के दफ्तर में ही अटक कर रह गईं।
डीसी ऑफिस और जोनल अस्पताल पर लाखों का बकाया
बकायेदारों की सूची में सबसे ऊपर वे संस्थान हैं, जिन पर जिले की कमान और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। अकेले डीसी ऑफिस का पानी का बिल 50,45,702 रुपए पैंडिंग है। इसी तरह जोनल अस्पताल सोलन पर 32,02,316 रुपए का बकाया है। अन्य प्रमुख बकायेदारों में गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर 2,70,270 रुपए, ओल्ड डीसी ऑफिस पर 2,25,614 रुपए, रेलवे के एक बिल के रूप में 2,53,954 रुपए और स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज पर 2,32,778 रुपए का बिल पैंडिंग है।
निगम की दोहरी नीति और वसूली व्यवस्था पर उठे सवाल
इस भारी बकाये ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में जल शक्ति विभाग पानी उपलब्ध करवाता है, जबकि वितरण और बिल वसूली का जिम्मा नगर निगम का है। हैरानी की बात यह है कि जब किसी आम उपभोक्ता का मात्र 1,000 से 2,000 रुपए का बिल पैंडिंग होता है, तो उसे तुरंत नोटिस थमा दिया जाता है। इसके विपरीत, लाखों रुपए का बिल दबाए बैठे सरकारी कार्यालयों की पानी की सप्लाई वर्षों तक निर्बाध रूप से जारी रही।
2,000 रुपए से अधिक बकाया वालों को नोटिस जारी : मेयर
इस मामले पर सोलन नगर निगम की मेयर सुषमा शर्मा ने कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिल जमा नहीं करवाया है, उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। पहले चरण में उन सभी उपभोक्ताओं (जिनमें कई सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं) को शामिल किया गया है, जिनका बिल 2,000 रुपए से ज्यादा पैंडिंग है। मेयर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नोटिस के बाद भी जल्द बकाया जमा नहीं किया गया, तो ऐसे सभी उपभोक्ताओं के पानी के कनैक्शन काट दिए जाएंगे।
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