Edited By Kuldeep, Updated: 18 Jun, 2026 09:23 PM

प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई झमाझम बारिश से लोगों को झुलसाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
शिमला (संतोष): प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई झमाझम बारिश से लोगों को झुलसाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मैदानी इलाकों में अभी भी तीखी धूप का असर देखा जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 60.1 मिलीमीटर बारिश कटौला में रिकॉर्ड की गई। गोहर में 46, जोत में 41, कुफरी में 39.6, मंडी में 37.2, नगरोटा सूरियां में 35.6, सुंदरनगर में 17.9, जोगिंद्रनगर में 16, पंडोह में 15.8, शिमला में 13.4 और कांगड़ा में 10.9 मिलीमीटर बारिश हुई।
बारिश के बावजूद प्रदेश के मैदानी व निचले इलाकों में तापमान अभी भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। वीरवार को नेरी में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री रहा। 35.2 डिग्री सैल्सियस अधिकतम तापमान के साथ ऊना दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, पहाड़ी राजधानी शिमला में मौसम सुहावना बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आज 4 जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरैंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 22 जून तक आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। 19 जून को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाले अंधड़ को लेकर ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। 20 से 22 जून तक जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के 10 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का यैलो अलर्ट रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो हिमाचल प्रदेश में 25 जून के आसपास मानसून भी दस्तक दे सकता है। पिछले वर्ष 24 जून को मानसून हिमाचल में पहुंचा था। बारिश के बाद राज्य के हिल स्टेशनों के सुहावने हुए मौसम को लेकर पर्यटक भी यहां का खूब रुख कर रहे हैं। राजधानी शिमला सहित कुल्लू, मनाली, रोहतांग व धर्मशाला आदि की ओर पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है।