Edited By Kuldeep, Updated: 07 Oct, 2026 07:09 PM

आधुनिक हिमाचल के निर्माता एवं प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक विरासत से जुड़े नामों पर राजनीतिक दलों के गठन की चल रहीं चर्चाओं के बीच पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है।
शिमला (राक्टा): आधुनिक हिमाचल के निर्माता एवं प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक विरासत से जुड़े नामों पर राजनीतिक दलों के गठन की चल रहीं चर्चाओं के बीच पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की है कि वीरभद्र सिंह या उनकी विरासत से जुड़े किसी भी नाम से राजनीतिक दल के पंजीकरण की अनुमति न दी जाए। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि उनके पति 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे हैं।
वर्ष 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश की जनता में उनके नाम का गहरा प्रभाव और सम्मान है। प्रतिभा सिंह ने आगे लिखा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ लोग हिमाचल की जनता को गुमराह करने के लिए वीरभद्र सिंह के नाम और साख का इस्तेमाल कर राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस या वीर कांग्रेस जैसी नई राजनीतिक पार्टियां बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा राजा, बुशहर या राजा बुशहर जैसे शब्दों का उपयोग करके भी पार्टियां बनाने की कोशिश हो रही है, जो सीधे तौर पर वीरभद्र सिंह (जो पूर्व बुशहर रियासत के राजा थे) के नाम व विरासत से जुड़े हैं।
उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि किसी को भी नई पार्टी बनाने का अधिकार है, लेकिन उनके दिवंगत पति के नाम और साख का दुरुपयोग करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए और उपरोक्त नामों या ऐसे किसी भी समान नाम से किसी भी राजनीतिक दल के गठन या पंजीकरण की अनुमति या स्वीकृति न दी जाए, जो अभी या भविष्य में भी वीरभद्र सिंह के नाम का दुरुपयोग करता हो। साथ ही आग्रह किया है कि ऐसे किसी भी आवेदन पर निर्णय लेने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए।