Edited By Kuldeep, Updated: 25 May, 2026 05:37 PM

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में शिमला पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
शिमला (संतोष): नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में शिमला पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज पर काम करते हुए बाहरी राज्यों से चिट्टा सप्लाई करने वाले 3 मुख्य अंतर्राज्यीय सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए थे, जिसमें अनजाने ग्राहकों के क्यू.आर. कोड का इस्तेमाल और इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया एप्स के जरिए डीलिंग शामिल थी।
केस-1: दुकान के क्यूआर स्कैनर से छुपाया डिजिटल ट्रेल, पंजाब से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
गत 18 मई को संजौली पुलिस थाना के तहत रवि कुमार उर्फ बंटी (35) निवासी संजौली को 26 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। तफ्तीश के दौरान वित्तीय और तकनीकी साक्ष्यों से खुलासा हुआ कि आरोपी एक दुकान चलाता था। वह अपनी दुकान पर आने वाले सीधे-सादे ग्राहकों से विभिन्न क्यू.आर. स्कैनर्स पर पैसे ट्रांसफर करवाता था और उसी पैसे को ड्रग्स खरीदने के लिए आगे भेजता था। ग्राहकों को इस बात की भनक तक नहीं थी।
आरोपी ने ऐसा इसलिए किया ताकि नशे की खरीद-फरोख्त का डिजिटल ट्रेल छुपाया जा सके। पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो पता चला कि यह पैसा पंजाब के तरनतारन के एक बड़े सप्लायर को भेजा जा रहा था। इस पर कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस की टीम ने 22 मई को मुख्य सरगना शवनदीप (21) निवासी पट्टी, तरणतारण, पंजाब को जंडियाला गुरु (अमृतसर) से दबोच लिया।
केस-2: इंस्टाग्राम पर होती थी डील, मोगा और अंबाला से किंगपिन व हैंडलर गिरफ्तार
18 मई को ही बालूगंज पुलिस थाना के अंतर्गत जय सिंघला (23) निवासी बसाल, सोलन को 14 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के दौरान जब पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को खंगाला, तो एक बड़े अंतर्राज्यीय नैटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। आरोपी जय सिंघला पंजाब के मोगा निवासी अमृत पाल के साथ इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में था। इनके बीच अब तक लाखों रुपए का अवैध वित्तीय लेनदेन पाया गया है। अमृत पाल इस नैटवर्क को हरियाणा के कुलदीप के साथ मिलकर चला रहा था। कुलदीप मुख्य रूप से चिट्टे की डिलीवरी करता था और अमृत पाल ड्रग्स के पैसे कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।
बालूगंज पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 25 मई को मुख्य सरगना अमृत पाल (22) को मोगा (पंजाब) से और नैटवर्क हैंडलर कुलदीप सिंह (34) को अमरावती पिंजौर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एएसपी अभिषेक ने कहा कि जिला शिमला पुलिस अब पूरी तरह से संगठित नशा तस्करी नैटवर्क को जमींदोज करने और उसकी जड़ों को काटने के लिए तकनीक, वित्तीय ऑडिट और अंतर्राज्यीय समन्वय का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है।