Edited By Kuldeep, Updated: 30 Sep, 2026 09:25 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की वर्ष 2023–24 आबकारी नीति के तहत शराब के न्यूनतम गारंटीकृत कोटे में की गई बढ़ौतरी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की वर्ष 2023–24 आबकारी नीति के तहत शराब के न्यूनतम गारंटीकृत कोटे में की गई बढ़ौतरी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शराब ठेकेदारों ने बिना किसी विरोध के बढ़ी हुई शर्तों के तहत अनुबंध स्वीकार किया, वे बाद में इसके खिलाफ याचिका दायर नहीं कर सकते।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने आबकारी विभाग की ओर से 27 मार्च 2023 को बढ़ाए गए कोटे को वैध माना। कोर्ट ने न्यूनतम कोटा न उठाने पर जारी किए गए पैनल्टी नोटिस, बकाया लाइसैंस फीस की वसूली और एफ.डी.आर. जब्ती के आदेशों को कानूनन सही ठहराया गया। इन मामलों में दिए गए सभी अंतरिम स्थगन आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए। अदालत ने प्रदीप ठाकुर व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला दिया है।