Shimla: नालागढ़ में 'रैड कैटेगरी' उद्योग के प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त

Edited By Kuldeep, Updated: 12 Aug, 2026 09:23 PM

shimla industry pollution

प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिला के नालागढ़ (प्लासरा) में स्थापित एक 'रैड कैटेगरी' उद्योग द्वारा फैलाए जा रहे कथित प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लिया है।

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिला के नालागढ़ (प्लासरा) में स्थापित एक 'रैड कैटेगरी' उद्योग द्वारा फैलाए जा रहे कथित प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों के साथ मिलकर उद्योग का मौके पर निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने 'हिमपरिवेश पर्यावरण संरक्षण संस्था' द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के पश्चात जारी किए।

कोर्ट के आदेशानुसार सचिव, डीएलएसए सोलन, एचपी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ग्राऊंड वाटर अथॉरिटी और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर प्लांट परिसर का औचक निरीक्षण करेंगे। यह संयुक्त टीम अवैध बोरवैल, पानी की गुणवत्ता, जल निकायों में छोड़े जा रहे गंदे अपशिष्ट और वायु प्रदूषण के पहलुओं पर अपनी वैज्ञानिक एवं जमीनी रिपोर्ट तैयार करेगी। अदालत ने राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितम्बर 2026 को तय की है, जिसमें जांच टीम को अपनी सीलबंद रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।

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