Shimla: किसी कर्मचारी को उसकी पदवी के अनुरूप ही तैनाती और कार्यभार दिया जाना चाहिए : हाईकोर्ट

Edited By Kuldeep, Updated: 25 May, 2026 10:02 PM

shimla employee designation charge

प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी को उसकी पदवी के अनुरूप ही तैनाती और कार्यभार दिया जाना चाहिए। जब कोई कर्मचारी किसी विशेष पद पर होता है, तो नियोक्ता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ऐसे कर्मचारी को उस स्थान पर तैनात करे जहां वह पद उपलब्ध हो।

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी को उसकी पदवी के अनुरूप ही तैनाती और कार्यभार दिया जाना चाहिए। जब कोई कर्मचारी किसी विशेष पद पर होता है, तो नियोक्ता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ऐसे कर्मचारी को उस स्थान पर तैनात करे जहां वह पद उपलब्ध हो। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्त्ता सुषमा वर्मा की याचिका को स्वीकारते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को छूट दी कि वह चाहे तो प्रार्थी का तबादला किसी अन्य डिवीजन में कर सकता है बशर्ते वहां वह पद हो जिस पर प्रार्थी काम कर रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि स्थानांतरण के आदेश किसी कर्मचारी की पदवी को काफी हद तक प्रभावित करते हैं, तो यह सेवा शर्तों का उल्लंघन होगा और इस प्रकार अवैध होगा।

मामले के अनुसार याचिकाकर्त्ता वरिष्ठ निजी सचिव के रूप में कार्यरत है। उसका तबादला विश्वविद्यालय के निर्माण विभाग में कर दिया था। प्रार्थी का कहना था कि निर्माण विभाग में वह पद है ही नहीं जिस पद पर वह कार्यरत है। आरोप लगाया गया कि उसका तबादला उसे तंग करने की मंशा से किया गया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय के संबंध में निजी कर्मचारियों की स्वीकृत संख्या और स्टाफिंग स्थिति देखने पर पाया कि निर्माण विभाग में वरिष्ठ निजी सचिव का कोई पद नहीं है। ऐसी स्थिति में कोर्ट ने याचिकाकर्त्ता का मुख्य वार्डन कार्यालय से निर्माण विभाग में स्थानांतरण/तैनात करना गलत ठहराया।

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