Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jul, 2026 09:29 PM

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिले के रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में पुलों के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी पर कड़ा संज्ञान लिया है।
शिमला (मनोहर): हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिले के रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में पुलों के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर मिली एक प्रशासनिक शिकायत के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
यह मामला मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग के उपमंडल चिड़गांव और रोहड़ू मंडल के अंतर्गत सीमा नामक स्थान पर आरसीडी रोड पर पब्बर नदी के ऊपर बनने वाले पुल से जुड़ा है। मुख्य पुल के अलावा इस क्षेत्र के आसपास बन रहे अन्य पुलों के निर्माण में भी सालों से अत्यधिक देरी हो रही है। हाईकोर्ट को प्रशासनिक स्तर पर एक शिकायत या प्रतिवेदन मिला था, जिसमें निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार के कारण स्थानीय जनता को हो रही भारी परेशानियों का जिक्र किया गया था।
हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे इस परियोजना की वर्तमान स्थिति, देरी के कारणों और इसे पूरा करने की समय-सीमा को लेकर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। पब्बर नदी पर बन रहे इन महत्वपूर्ण पुलों के भविष्य को लेकर उच्च न्यायालय अब 31 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई करेगा। तब तक सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस क्षेत्र के लोगों के लिए ये पुल जीवनरेखा माने जाते हैं, ऐसे में कोर्ट के इस कड़े रुख से उम्मीद बंधी है कि निर्माण कार्यों में अब तेजी आएगी।