Edited By Vijay, Updated: 22 Jul, 2026 12:26 PM

अगर आप भी लंबे समय से अपनी किसी जरूरी डाक, नौकरी के कॉल लैटर या बैंक के एटीएम कार्ड का इंतजार कर रहे हैं तो यह खबर आपको चौंका सकती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के बाद अब हमीरपुर जिले में एक डाक सेवक की एक ऐसी घोर लापरवाही सामने आई...
हमीरपुर: अगर आप भी लंबे समय से अपनी किसी जरूरी डाक, नौकरी के कॉल लैटर या बैंक के एटीएम कार्ड का इंतजार कर रहे हैं तो यह खबर आपको चौंका सकती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के बाद अब हमीरपुर जिले में एक डाक सेवक की एक ऐसी घोर लापरवाही सामने आई है, जिसने सैंकड़ों लोगों के जरूरी कामों को अटका कर रख दिया है। जिले के उप डाकघर भलेठ के तहत आने वाली करोट डाक शाखा के एक ग्रामीण डाक सेवक (डाकिए) ने दो महीने तक लोगों की डाक बांटी ही नहीं। जब विभाग ने शिकायत पर उसके किराए के कमरे की तलाशी ली, तो वहां से करीब 800 लोगों के नौकरी के कॉल लैटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड समेत कई अहम सरकारी दस्तावेजों का जखीरा बरामद हुआ।
डाकघर से चिट्ठियां तो लेता पर बांटता नहीं था ग्रामीण डाक सेवक
मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले साहिल नाम के इस ग्रामीण डाक सेवक पर करोट शाखा के तहत करीब 20 गांवों में डाक बांटने की जिम्मेदारी थी। जांच में सामने आया है कि यह डाकिया डाकघर से चिट्ठियां तो लेता था, लेकिन कुछ ही लोगों को बांटकर बाकी की सारी डाक अपने किराए के कमरे में डंप कर देता था। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस डाक में कई युवाओं के कॉल लैटर भी शामिल थे, जो समय पर न मिलने के कारण शायद अपने जरूरी इंटरव्यू या परीक्षा से चूक गए हों।
ऐसे हुआ लापरवाही का भंडाफोड़
विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में लोगों को समय पर डाक नहीं मिल रही है। इसके बाद डाक निरीक्षक ने 16 जुलाई को शाखा का औचक निरीक्षण किया। रिकॉर्ड चैक करने पर पता चला कि डाकिए ने सिस्टम में कई डाक को होल्ड पर दिखाया हुआ था। जब अधिकारियों ने संबंधित लोगों को फोन कर क्रॉस-चैक किया, तो पता चला कि उन्हें डाक मिली ही नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि डाक तो मिली, लेकिन डाकिए ने उनसे प्राप्ति के हस्ताक्षर तक नहीं करवाए। इन गड़बड़ियों के खुलासे के बाद जब अधिकारियों ने डाकिए के कमरे की तलाशी ली, तो वे भी हैरान रह गए, वहां दस्तावेजों का ढेर लगा मिला।
रिकवर की गई डाक अब पहुंचाई जा रही घर-घर
हमीरपुर मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक केएस चौहान ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी डाकिए के कमरे से पिछले दो महीने की करीब 800 डाक बरामद की गई हैं। इनमें 200 पंजीकृत और 600 सामान्य डाक शामिल हैं। विभाग ने इस गंभीर लापरवाही के आरोप में ग्रामीण डाक सेवक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर कमरे से बरामद की गई डाक को असली हकदारों तक पहुंचाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें