पालमपुर में टूरिज्म विलेज पर भ्रांतियां फैलाई जा रहीं : गोकुल

Edited By Kuldeep, Updated: 08 Jan, 2024 09:38 PM

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पालमपुर में प्रस्तावित टूरिज्म विलेज को लेकर सस्ती सियासत हो रही है। इस मसले पर कई तरह की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास हो रहा है। ये भ्रांतियां पूरी तरह निराधार हैं। टूरिज्म विलेज के लिए कृषि विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा दी गई चाय बागान की जिस 100...

पालमपुर (सौरभ/गौरव): पालमपुर में प्रस्तावित टूरिज्म विलेज को लेकर सस्ती सियासत हो रही है। इस मसले पर कई तरह की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास हो रहा है। ये भ्रांतियां पूरी तरह निराधार हैं। टूरिज्म विलेज के लिए कृषि विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा दी गई चाय बागान की जिस 100 एकड़ जमीन को वापस लेना प्रस्तावित है, वह बीते 50 साल से बिना प्रयोग के बंजर पड़ी है। ऐसे में इस जमीन को वापस लेने से विश्वविद्यालय की रिसर्च पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये बातें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार (आई.टी., इनोवेशन व गवर्नैंस) गोकुल बुटेल ने पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की दिशा में टूरिज्म विलेज एक अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री की सोच इस मामले में बिल्कुल नेक व स्पष्ट है। सरकार के पास बड़े प्रोजैक्ट्स के लिए जमीन की कमी है। टूरिज्म विलेज के लिए एक साथ 100 एकड़ जमीन पालमपुर के निकट उपलब्ध है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल साथ है। ऐसे में इस जमीन का उपयोग करने के पीछे सरकार की सोच राजस्व व रोजगार के बड़े अवसर पैदा करना है। बुटेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के लिए भविष्य में जमीन की जरूरत होने पर पालमपुर में फोरैस्ट लैंड उपलब्ध है, जिसके लिए फोरैस्ट कंजरवेटर एक्ट (एफ.सी.ए.) व फाेरैस्ट रिजर्वेशन एक्ट (एफ.आर.ए.) के तहत आसानी से अनुमति मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि चाय बागान के तहत आने वाली प्रस्तावित 100 एकड़ जमीन बीते कई वर्षों से बंजर पड़ी है। इसका उपयोग टूरिज्म प्रोजैक्ट के तहत करने से पूरे इलाके को लाभ होगा व पालमपुर न केवल पर्यटन की दृष्टि से और अधिक उभरेगा बल्कि कई बड़े ग्रुप यहां इन्वैस्ट करेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। बुटेल ने कहा कि टूरिज्म विलेज में किसी एक कंपनी को जमीन नहीं दी जाएगी बल्कि यहां अलग-अलग ग्रुप व निवेशकों की ओर से होटल, कन्वैंशन सैंटर, हट्स, पार्क आदि विकसित होंगे जिससे चाय नगरी की ओर और अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे। गोकुल ने कहा कि उन्होंने इस प्रोजैक्ट का विरोध करने वाले एन.जी.ओज को भी किसी दुष्प्रचार में न आने व उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर बात करने का प्रस्ताव दिया है।

शांता से मिले गोकुल बुटेल, टूरिज्म विलेज पर बात की
गोकुल बुटेल ने सोमवार को यामिनी परिसर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री व वयोवृद्ध भाजपा नेता शांता कुमार से मुलाकात कर पालमपुर में बनने वाले टूरिज्म विलेज को लेकर चर्चा की। बुटेल ने कहा कि उन्होंने शांता कुमार को आश्वस्त किया कि कृषि विश्वविद्यालय की जिस जमीन को लेकर भ्रांतियां उत्पन्न करने का प्रयास हो रहा है, उसका विश्वविद्यालय के वर्तमान प्रोजैक्ट्स पर न कोई प्रभाव पड़ेगा व भविष्य में यदि इसे केंद्रीय कृषि संस्थान का दर्जा मिलता है तो जमीन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने शांता को इस मसले पर गुमराह किया है। उन्होंने उस मसले पर शांता की तमाम चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है। शांता ने उनकी बात से सहमति जताते हुए उनको सहयोग व समर्थन की बात कही है।

अब एक रुपए लीज पर नहीं दी जाएगी सरकारी जमीन
गोकुल बुटेल ने कहा कि किसी भी प्रोजैक्ट के लिए अब एक रुपए की टोकन लीज पर सरकारी जमीन नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने साफ कहा है कि सरकार किसी भी उद्योग या फिर निवेशक से तय नियमों के तहत लीज मनी वसूल करेगी। लीज भी 99 की बजाय 40 साल से अधिक नहीं होगी।

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