Edited By Swati Sharma, Updated: 03 Aug, 2026 02:58 PM

Hamirpur News : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में गाय और भैंसों में फैलने वाली जानलेवा बीमारी के मद्देनजर व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह बीमारी संक्रमित पशुओं की आठ घंटे के भीतर जान ले सकती है। अब तक लगभग...
Hamirpur News : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में गाय और भैंसों में फैलने वाली जानलेवा बीमारी के मद्देनजर व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह बीमारी संक्रमित पशुओं की आठ घंटे के भीतर जान ले सकती है। अब तक लगभग 12,000 पशुओं का 'हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया' (एचएस) के खिलाफ टीकाकरण किया जा चुका है।
पशुपालन विभाग यह अभियान एचएस से पशुधन की सुरक्षा के लिए चला रहा है। इस बीमारी को आमतौर पर 'गलघोटू' के नाम से जाना जाता है। यह एक घातक जीवाणुजनित (बैक्टीरियल) रोग है, जो गायों और भैंसों को प्रभावित करता है। विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बीमारी में पशु को तेज बुखार, गले में गंभीर सूजन होती है और कई मामलों में आठ से 24 घंटे के भीतर उसकी मौत हो जाती है। हमीरपुर के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुजय शर्मा ने कहा, ''पशुपालकों को अपनी गायों और भैंसों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। समय पर लगाया गया टीका हेमोरैजिक सेप्टीसीमिया जैसी जानलेवा बीमारियों से पशुओं की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।''
जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। विभाग को इस अभियान के लिए करीब 60,000 टीकों की खुराक प्राप्त हुई है और यह अभियान पूरे अगस्त महीने तक जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के मौसम में एचएस तेजी से फैलता है और समय पर इलाज या टीकाकरण न होने पर पशुओं की मृत्यु हो सकती है इसलिए टीकाकरण को इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
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