Kangra: दवाइयों की गुणवत्ता में खामी से हिमाचल के फार्मा उद्योग को झटका : शांता

Edited By Kuldeep, Updated: 23 Sep, 2026 10:49 PM

palampur medicines quality shock

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने हिमाचल के फार्मा उद्योग में दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है।

पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने हिमाचल के फार्मा उद्योग में दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, कांगड़ा और ऊना में स्थापित फार्मा उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में दवाइयों के गुणवत्ता परीक्षण में बार-बार खामियां सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। शांता कुमार ने कहा कि उनके अनुसार देश में गुणवत्ता परीक्षण में फेल हुई 220 दवाइयों में से 62 हिमाचल में निर्मित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे फार्मा उद्योग की साख प्रभावित होने की आशंका है। भारत दवा निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और हिमाचल में बन रहा ड्रग पार्क भी इस उद्योग के विस्तार की दिशा में अहम कदम है।

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता परीक्षण में फेल दवाइयों को बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन बाजार में पहुंच चुकी दवाइयों को पूरी तरह वापस मंगाना बड़ी चुनौती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सभी दवाइयां वापस नहीं मंगवाई गईं तो मरीजों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ सकता है। शांता कुमार ने सरकार से दवा निर्माण से लेकर बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही दवाइयों के गुणवत्ता संबंधी मामलों में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई और उसके परिणाम जनता के सामने सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

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