Edited By Kuldeep, Updated: 19 Sep, 2026 04:47 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने तमिलनाडु में जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना और हिंदी भाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का स्वागत किया है।
पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने तमिलनाडु में जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना और हिंदी भाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कानूनी मामलों के साथ-साथ राष्ट्रीय हित से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। शांता कुमार ने कहा कि न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने तमिलनाडु को प्रत्येक जिले में नवोदय विद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित करने के पूर्व निर्देश का पालन करने को कहा है। अदालत ने राज्य को इसके लिए 3 माह का अतिरिक्त समय दिया है, साथ ही केंद्र और राज्य को आपसी संवाद के माध्यम से मतभेद सुलझाने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति जैसे विषयों पर केंद्र और राज्यों के बीच टकराव की बजाय संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। तमिलनाडु की ओर से नवोदय विद्यालयों की 3-भाषा व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई है, जबकि राज्य अपनी 2-भाषा नीति पर जोर देता रहा है। शांता कुमार ने कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद से शिक्षा से जुड़े मतभेदों का समाधान निकाला जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों पक्षों को बातचीत जारी रखने का निर्देश दिया है