Edited By Kuldeep, Updated: 18 Oct, 2026 06:43 PM

धौलाधार की दुर्गम पहाड़ियों में लगभग दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मां श्री आदि हिमानी चामुंडा धाम इन दिनों मां के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान है।
पालमपुर (भृगु): धौलाधार की दुर्गम पहाड़ियों में लगभग दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मां श्री आदि हिमानी चामुंडा धाम इन दिनों मां के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान है। शरद नवरात्रों के पावन अवसर पर दुर्गम पहाड़ी रास्तों को पार कर श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में जहां एक ओर श्रद्धालु मां के जयकारे लगाकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच निरंतर चल रहे हवन-यज्ञ से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
नवरात्रों के दौरान मां श्री आदि हिमानी चामुंडा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है। प्रतिदिन विधि-विधान के साथ हवन-यज्ञ किया जा रहा है और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच अग्निकुंड में आहुतियां डालकर मां से सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की जा रही है। धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित इस प्राचीन शक्तिपीठ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां के दर्शन के साथ-साथ इन धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होना भी विशेष आध्यात्मिक अनुभव बन रहा है।
मंदिर के नए भवन में हो रही पूजा-अर्चना
इस बार नवरात्रों के दौरान मां की पूजा-अर्चना मंदिर के नए भवन में की जा रही है। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप हवन-यज्ञ का आयोजन भी इसी भवन में हो रहा है। नवरात्रों के समापन पर हवन की पूर्णाहुति भी नए भवन में ही डाली जाएगी। मंदिर में जारी धार्मिक गतिविधियों के चलते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मां के दरबार में पहुंचकर भक्त पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
कभी हिमपात, कभी बारिश और ओलावृष्टि ने ली परीक्षा
धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों में स्थित मां के इस धाम में नवरात्रों के दौरान मौसम ने भी कई रंग दिखाए। मंदिर परिसर के आसपास हिमपात होने के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। ऐसे प्रतिकूल मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और मां के दर्शन के लिए पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने और लगातार धूप खिलने से श्रद्धालुओं की आवाजाही में बढ़ौतरी हुई है। धूप निकलने से पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन के लिए परिस्थितियां भी अपेक्षाकृत अनुकूल हुई हैं।
श्रद्धालुओं के लिए भंडारे, सेवा भाव से हो रहा स्वागत
मां के दरबार में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है। यहां भक्तों को प्रसाद वितरित किया जा रहा है। मां के दर्शन, हवन-यज्ञ और भंडारे की सेवा से मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण का भाव भी दिखाई दे रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में मां के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं की उपस्थिति नवरात्रों के आध्यात्मिक महत्व को और विशेष बना रही है।