Edited By Kuldeep, Updated: 30 Jul, 2026 06:51 PM

पालमपुर उपमंडल के बल्लाह क्षेत्र के वन क्षेत्र में हुई महिला की नृशंस हत्या को 2 वर्ष, 3 महीने और 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन यह सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर अब भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
पालमपुर (भृगु): पालमपुर उपमंडल के बल्लाह क्षेत्र के वन क्षेत्र में हुई महिला की नृशंस हत्या को 2 वर्ष, 3 महीने और 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन यह सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर अब भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और कई दौर की पूछताछ के बावजूद पुलिस अब तक हत्यारे तक नहीं पहुंच सकी है। 18 अप्रैल 2024 को सामने आए इस मामले में पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को फोरैंसिक जांच के लिए भेजा। मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों की गतिविधियों की गहन पड़ताल की गई।
कई लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक कोई ऐसा ठोस प्रमाण नहीं मिला, जिससे आरोपी की पहचान सुनिश्चित हो सके। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने कुछ संदिग्धों के पॉलीग्राफ, लाई डिटैक्टर, ब्रेन मैपिंग सहित अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी करवाए। बावजूद इसके कोई निर्णायक सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि जब भी किसी तकनीकी इनपुट के आधार पर नई लीड मिलती है, संबंधित लोगों से पूछताछ की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर वैज्ञानिक परीक्षण भी करवाए जाते हैं।
ह्यूमन इंटैलीजैंस नहीं मिली, तकनीकी जांच पर भरोसा
पुलिस को इस मामले में अब तक कोई विश्वसनीय मानवीय (ह्यूमन) इनपुट नहीं मिला है। ऐसे में जांच मुख्य रूप से तकनीकी सर्विलांस और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों पर आधारित है। अधिकारियों का कहना है कि हर नए सुराग का गंभीरता से विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में लंबे समय तक सफलता न मिलने के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या इसे भविष्य में अनट्रेस्ड घोषित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब व्यापक जांच, वैज्ञानिक परीक्षण और सभी संभावित साक्ष्यों की पड़ताल के बावजूद आरोपी का पता नहीं चलता, तो पुलिस न्यायालय में अनट्रेस्ड (क्लोजर) रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है। हालांकि, भविष्य में नए साक्ष्य मिलने पर मामले की जांच दोबारा शुरू की जा सकती है।
जांच अभी जारी : डीएसपी
डीएसपी पालमपुर सुनील राणा ने बताया कि महिला हत्या मामले की जांच अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और नए तकनीकी बिंदुओं के आधार पर भी मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध प्रत्येक संभावित साक्ष्य की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है और जांच अभी बंद नहीं की गई है।