Himachal: आऊटसोर्स कर्मचारियों का सरकार को अल्टीमेटम, 25 अगस्त को शिमला में होगा प्रदर्शन

Edited By Vijay, Updated: 08 Aug, 2026 10:37 PM

outsource employees give the ultimatum to government

हिमाचल प्रदेश संयुक्त आऊटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मानसून विस सत्र से पहले आऊटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 25 अगस्त को...

शिमला (राजेश): हिमाचल प्रदेश संयुक्त आऊटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मानसून विस सत्र से पहले आऊटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 25 अगस्त को प्रदेशभर के आऊटसोर्स कर्मचारी शिमला में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ लामबंद होंगे। शनिवार को शिमला में आयोजित संघ की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों की आऊटसोर्स कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा और सह-संयोजक सोहन लाल तुलिया ने की। बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं, लंबित मांगों और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ ने सरकार से आऊटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस एवं स्थायी नीति लागू करने की मांग उठाई।

10-15 साल से सेवाएं, फिर भी नौकरी पर तलवार
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में हजारों आऊटसोर्स कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं और नीतियों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें नाममात्र का वेतन दिया जा रहा है और नौकरी की कोई स्थायी सुरक्षा नहीं है। संघ ने कहा कि कई कर्मचारियों ने सेवा के दौरान अपनी जान गंवाई, जबकि कई कर्मचारी दुर्घटनाओं में दिव्यांग हुए हैं। इसके बावजूद प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाई है। कई कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

संघ की ये हैं प्रमुख मांगें
आऊटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके लिए स्थायी, पारदर्शी एवं प्रभावी नीति बनाई जाए। समान कार्य करने वाले आऊटसोर्स कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। सेवा के दौरान जान गंवाने वाले आऊटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाए। बैठक में पंजाब सरकार द्वारा आऊटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनाई गई नीति और पीएसपीसीएल में उसके क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया गया। संघ ने मांग की कि हिमाचल में भी एक निश्चित अवधि तक सेवा पूरी करने वाले आऊटसोर्स कर्मचारियों को डेली वेज अथवा कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की नीति बनाई जाए, जिससे उनकी नौकरी सुरक्षित हो और शोषण पर रोक लग सके।

शिमला में जुटेंगे प्रदेशभर के कर्मचारी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मानसून सत्र से पहले सरकार की ओर से मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय या ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती है तो 25 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान प्रदेशभर के विभिन्न विभागों में कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारी शिमला में एकत्र होंगे। संघ ने सरकार से आग्रह किया कि वर्षों से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संगठन ने कहा कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारियों का असंतोष और आंदोलन दोनों और तेज हो सकते हैं।

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